रिया लगभग बेशुद्ध सी हालत में बिस्तर से उठी.
उसका दिमाग इतना धुंधला था कि उसे खुद पर ही ठीक से यकीन नहीं हो रहा था. उसकी हथेली के नीचे महसूस हो रही आलीशान चादरें वैसी बिल्कुल नहीं थीं, जैसी वह रोज इस्तेमाल करती थी—वो पुरानी चादरें जिन्हें उसने बार- बार धोते- धोते घिसा दिया था. उसके सिर के ऊपर जल रही रोशनी भी अलग थी—वो उसकी आदत वाली आधी खराब, बिजली बचाने लाइट नहीं थी
उसका शरीर बुरी तरह दर्द कर रहा था, जैसे किसी ने उसे बेरहमी से तोड दिया हो. जब उसने अपनी कलाई उठाई, तो उस पर पडे बैंगनी- हरे निशान साफ दिखाई दे रहे थे.
ये. कोई सपना नहीं था, है ना.
उसने अपने मुँह पर हाथ रख लिया ताकि उसके होंठों से कोई आवाज न निकल सके, और धीरे से कंबल उठाया. जैसे ही उसने देखा कि उसका शरीर पूरी तरह नग्न है, उसके मुँह से लगभग चीख निकल गई.
रिया शर्मा की तेज नजरें एक पल के लिए झपकीं, फिर उसने बिना हिचकिचाए कंबल हटा दिया और बिस्तर से नीचे उतर गई. अपने बिखरे हुए कपडे समेटकर उसने उन्हें लापरवाही से पहन लिया और बिना पीछे मुडे वहाँ से निकलने की तैयारी करने लगी.
अचानक, किसी ने उसकी गर्दन के पीछे से उसे पकड लिया.
आह. मुझे छोडो. छोडो. रिया अपने हाथ- पैर मारते हुए छूटने की कोशिश करने लगी.
उस आदमी का बडा हाथ उसकी गर्दन को कसकर पकडे हुए था, और उसने बिना किसी मेहनत के उसे खींचकर वापस बिस्तर पर गिरा दिया.
उसके साथ हो रहे इस बर्ताव से वह पूरी तरह उलझन में थी, लेकिन जैसे ही रियाने ऊपर देखा, वह उस आदमी को देखकर एक पल के लिए स्तब्ध रह गई. उसकी नजरें उसके बेहद खूबसूरत चेहरे पर टिक गईं—और चाहकर भी हट नहीं पाईं.
उसने मन ही मन सोचा. कितना. हैंडसम आदम ये.
उसकी गहरी आँखों में एक अजीब- सा घमंड और रौब था. उसका चेहरा बर्फ की तरह ठंडा और सख्त था, और उसकी सीधी, तीखी नाक उसके साफ, गोरे चेहरे पर और उभर रही थी. उसकी सफेद, जेड जैसी चिकनी त्वचा देखकर रिया शर्मा, जिसे हमेशा अपनी त्वचा पर गर्व था, एक पल केखुद ही उससे जलने लगी.
वह जानती थी कि उसने अपनी जिंदगी में कई तरह के मर्द देखे हैं, लेकिन इस आदमी के सामने, जिन्हें लोग ‘हैंडसम’ या ‘मर्दों के देवता’ कहते थे, वो सब फीके पड गए थे.
क्या यही वही आदमी था. जिसने कल रात आधी रात के अंदर ही उसे अधमरा कर दिया था?
तुम्हें यहाँ किसने भेजा है? मेरी हिम्मत कैसे हुई मुझे नशा देने की? इतना सब करने के बाद भी तुम सोचती हो कि यहाँ से सही- सलामत निकल जाओगी? उसने इस सुन्न खडी औरत को घूरते हुए कहा, उसकी आँखों में गुस्सा साफ चमक रहा था.
यह अजनबी औरत बर्फ जैसी गोरी त्वचा, नाजुक- सा छोटा चेहरा और बडी, भावनाओं से भरी आँखों वाली थी. उसकी पलकें ऐसे फडफडा रही थीं जैसे अचानक रोशनी में आ गया कोई सहमा हुआ हिरण, लेकिन इसके बावजूद वह उसे बिना झुके, डटकर घूर रही थी.
कबीर ओबेरॉय की नजरें रिया पर जम गईं, और जैसे- जैसे रिया का सिर हिल रहा था, उसकी आँखें भी तेजी से उसी के साथ घूम रही थीं.
वो बस एक D- list celebrity थी. बहुत मुश्किलों के बाद उसे आज पता चला था कि A- list celebrity आर्यन ओबेरॉय यहाँ मौजूद है. इसलिए उसने खास तौर पर कुछ ऐसे“ condiments” खरीदे, जो किसी को बेहोश कर सकते थे, और उन्हें उसके पानी में मिला दिया—ये सोचकर कि वो उसका फायदा उठा सके.
लेकिन. उसने गलत इंसान को drug कर दिया था.
उसके सामने खडा आदमी भले ही चक्कर ला देने जितना हैंडसम था, लेकिन साफ था कि वो A- list celebrity आर्यन ओबेरॉय नहीं था.
उसने फिर से उसका हाथ जोर से खींचा, जिससे वो सीधे जमीन पर गिर पडी. शर्मिंदगी की बात तो ये थी कि संभलने से पहले वो एक बार लुढक भी गई, फिर जाकर खुद को संभाल पाई.
तुम. तुम कर क्या रहे हो? अगर मैंने तुम्हें drug किया होता, तो क्या मैं अभी भी यहाँ पडी रहती? तुम्हें जरूर गलतफहमी हुई है. अभी सबसे ज्यादा हालत खराब अगर किसी की है, तो वो मेरी है!
गिरने की वजह से उसका बैक का. हिस्सा बुरी तरह दर्द कर रहा था, और हाथ भी चोट खा चुका था. सबसे बुरा तो ये था कि उसके निचले हिस्से में उठ रहा दर्द नजरअंदाज करना मुश्किल हो रहा था. गुस्से से तमतमाकर उसने सीधे कहा,
जिसे मैं drug करना चाहती थी, वो कोई और था. तुमसे इसका कोई लेना- देना नहीं है. तुम्हें लगता है तुम इतने खास हो कि कोई तुम्हें drug करेगा? मैं हर किसी पर हाथ नहीं डालती. मेरे ड्रग पैसे वापस करो!
गलत इंसान को drug कर दिया? कबीर का चेहरा सख्त हो गया और उसकी भौंहें सिकुड गईं, जिससे उनके बीच तीन सीधी लकीरें उभर आईं. उसकी काली, गहरी आँखें किसी घात लगाए बैठे जानवर जैसी लग रही थीं—जो इस बिखरे कपडों वाली लडकी को घूर रही थीं.
उसका आधा बर्फ- सा गोरा कंधा खुला हुआ था, और उस पर पडे बैंगनी- हरे निशान और भी साफ नजर आ रहे थे—जैसे उसकी नाजुक, सफेद त्वचा पर कोई गहरे रंग के फूल खिल उठे हों.
पिछली रात की तस्वीरें एक बार फिर उसके दिमाग में चमक उठीं. उसके पेट से निचले हिस्से में अचानक गर्मी- सी दौड गई और उसे अपने शरीर में साफ तौर पर उठती बेचैनी महसूस हुई.
उसने तुरंत अपनी नजरें उससे हटा लीं.
ये कमबख्त लडकी. उसके चेहरे पर गुस्सा साफ झलक रहा था. इसकी हिम्मत कैसे हुई मुझे drug करने की? और वो भी इतना strong.
उसका ध्यान बस एक पल के लिए हटा—लेकिन वही पल रिया के लिए मौका बन गया. घबराहट में उसने बिना सोचे- समझे बिस्तर से छलांग लगाई और पूरी ताकत से उस आदमी को धक्का दे दिया.
उसकी पीछे मुडकर देखने की जरा भी हिम्मत नहीं हुई, और वो बिना रुके, तेजी से भागती हुई कमरे से बाहर निकल गई.
उसकी दर्द भरी आवाज सुनते ही रिया झल्लाकर चिल्लाई,
क्या देख रहे हो? जाओ, पहले खुद को जाकर देखो!
तुम. कबीर उसे पकडने के लिए मुडने ही वाला था कि तभी उसे एक अजीब- सी बेचैनी महसूस हुई. उसका निचला हिस्सा एक बार फिर पूरी तरह सख्त हो चुका था, सीधा और तनकर खडा.
Damn it” उसने गुस्से में जोर से कहा. इस बेकार की उठती हुई चाहत को काबू करने की कोशिश करते हुए उसने अपनी मुट्ठी कस ली.
बाहर से कई तरह की आवाजें अंदर आने लगीं.
रोहित पीछे मुडा, हैरानी इतनी थी कि उसका मुँह बंद ही नहीं हो रहा था.
ये अभी क्या हुआ था? और वो बिखरे हुए कपडों में एक लडकी. sir के कमरे से भागते हुए बाहर क्यों निकली?
रोहित तो समझ ही नहीं पा रहा था कि आखिर ये सब चल क्या रहा है.
स- sir आर्यन sir ने Call करके पूछा था कि कमरा ठीक है या नहीं, लेकिन आप कल रात लौटते ही सो गए थे, इसलिए हमने आपको disturb नहीं किया. आपके शेड्यूल की जानकारी प्रेसिडेंट को दे दी गई है; वो Presidential Residence में आपका इंतजार कर रहे हैं. और. जो लेडी मैंने अभी देखी.
shut up। कबीर ने अपनी तीखी नजरें उठाईं, उसकी आँखों में एक खतरनाक चमक उभरी.
रोहितने तुरंत अपने सारे सवाल अंदर ही निगल लिए—जो उसे पूछने ही नहीं चाहिए थे.
बाथरूम में, कबीर लगातार अपने शरीर को रगडकर साफ करता रहा, जब तक कि उसकी त्वचा जलने जैसी दर्द करने नहीं लगी. तभी उसने आईने में खुद को देखा और गुस्से में जोर से गाली दी,
सर, मैडम आ गई हैं, बाहर से रोहित ने धीरे से कहा, उसकी आवाज में घबराहट साफ झलक रही थी.
कबीर एक पल के लिए जम गया. इस वक्त उसकी माँ का आना कोई अच्छी खबर नहीं हो सकती थी.
जब उसने बाथरूम का दरवाजा खोला, तो बाहर खडी स्टाइलिश और ग्लैमरस महिला कमरे में बिखरे हुए बिस्तर को देखकर हैरानी से उसे देख रही थी.
बिखरी हुई चादरें साफ बता रही थीं कि पिछली रात क्या हुआ था.
कबीर की आँखें गहरी हो गईं. उसने बाथरोब उठाया और अपने हनी- Color वाले कंधों पर डाल लिया.
मुझे पता है आप क्या पूछना चाहती हैं, लेकिन माँ, मैं आज बहुत बिजी हूँ.
वो खुद को रोक नहीं पाईं. उनके चेहरे पर excitement साफ झलक रही थी. कबीर की तरफ देखते हुए उन्होंने बिस्तर की ओर इशारा किया और कहा, कबीर, मुझे पता चल गया है. तुमने किसी लडकी के साथ रात बिताई है.
कबीर ने दरवाजा खोलते हुए अपनी मां से ठंडी आवाज में कहा, क्या आप इस मामले से दूर रह सकती हैं?
मैं कैसे न करूँ कबीर, तुम्हें इस लडकी से शादी करनी ही होगी; जो कुछ तुमने उसके साथ किया है, उसकी जिम्मेदारी तुम्हें लेनी ही पडेगी.
उसे पहले से ही पता था कि वो यही कहेंगी.
माँ, मैं उससे शादी नहीं करूँगा. मैं पागल नहीं हूँ. वो बस एक अजनबी है. मुझे तो उसका नाम तक नहीं पता.
उसका नाम रिया शर्मा है. वो तेईस साल की है. वो शर्मा ग्रुप की नाजायज बेटी है. उसकी दो बडी बहनें और एक छोटा भाई है. उसकी माँ बचपन में ही गुजर गई थी और उसके पिता भी उसकी परवाह नहीं करते. वो शर्मा परिवार के घर में रहती है, लेकिन उसे परिवार की तरफ से कोई financial support नहीं मिलता.
माँ! कबीर वहीं खडा रह गया. रिया को याद करते ही उसका गुस्सा और बढ गया.
क्या तुम अभी भी उस मीरा के बारे में सोच रही हैं? मैं बता रही हूँ तुम्हे—तुम दोनों का साथ होना नामुमकिन है. इतने साल उसके साथ रहने के बाद भी तुम उसे छू तक नहीं पाए. तुम दोनों एक- दूसरे के लिए बने ही नहीं हो! वंदना ओबेरॉय ने सख्ती से कहा.
माँ, बस! कबीर ने उन्हें बीच में ही रोक दिया.
हालाँकि वंदना ओबेरॉय बहुत ज्यादा परेशान हो गईं. कबीर, तुम्हें पता है कि अपनी illness की वजह से तुम किसी भी woman को satisfy नहीं कर सकते! हमने लगभग artificial insemination की तैयारी पूरी कर ली है ताकि तुम्हें बच्चा हो सके. लेकिन आज तुमने एक लडकी को touch किया है. इसका मतलब साफ है कि वही तुम्हारे लिए सबसे सही है!
माँ, उसने कोई गलत तरीका इस्तेमाल किया था. इसका मेरी illness के ठीक होने से कोई लेना- देना नहीं है! कबीर ने कहा, उसकी आँखें और गहरी हो गईं.
वंदना ओबेरॉय ने उसे देखते हुए कहा, तुम्हें लगता है कि मैंने कभी तुम्हारे साथ ऐसा करने की कोशिश नहीं की? लेकिन कभी काम नहीं किया. हर बार बस डॉक्टर को बुलाना पडता था, बार- बार वही हाल होता रहा. लेकिन तुमने उसे छुआ. और इतना ही नहीं, तुम्हारे subordinates ने भी बताया कि तुम उससे पूरी रात बहुत satisfied थे और एक बार से ज्यादा किया।
कबीर ने अपना भींचा हुआ मुट्ठी tempered- glass टेबल पर रख दिया और कहा, हो सकता है इस बार का drug अलग था. लेकिन किसी भी हालत में मैं इस पागल औरत से शादी नहीं करूँगा, जिसमें जरा भी moral sense नहीं है. माँ, आपको ये idea छोड देना चाहिए।
रिया सडक पर चलते हुए अपने पूरे शरीर की हालत देखकर मन ही मन गुस्से में खुद को कोस रही थी. उस कमबख्त drug बेचने वाले को लेकर उसका गुस्सा और बढ गया था. जब उसने वो drug खरीदा था तभी उसे उस आदमी में कुछ गडबड लगी थी. उसने बस इतना कहा था कि उसे ऐसा drug चाहिए जिससे कोई सो जाए, लेकिन उसने कभी ये नहीं कहा था कि उसे ऐसा strong drug चाहिए.
अब देखो, उस आदमी ने क्या दे दिया उसे.
उसका पूरा शरीर अभी भी दर्द कर रहा था. जैसे ही उसे पिछली रात की यादें आईं, दर्द फिर से हर हिस्से में साफ महसूस होने लगा.
उसके निचले हिस्से में उठता हुआ तेज दर्द उसे पिछली रात की घटनाओं की याद दिला रहा था. उस कमबख्त आदमी ने उसे कई बार इस हद तक परेशान किया था कि वह बेहोश हो गई थी और उसके बाद उसे कुछ भी याद नहीं रहा.
पहले की उसे बस एक ही चीज याद थी.
रिया, खुद को देखो. तुम्हें अभी भी celebrity बनना है? बेहतर होगा अपनी सौतेली माँ की बात ठीक से मान लो. मैं तुम्हारे लिए कोई अच्छा घर ढूंढ दूँगी जहाँ तुम्हारी शादी हो सके. नाजायज बच्चा तो नाजायज ही रहता है. तुम हमेशा second- rate ही रहोगी.
रिया, सौतेली माँ ये सब तुम्हारी भलाई के लिए कर रही है. तुम्हारी बडी बहन निशा अब एक top celebrity बन चुकी है; तुम्हारी दूसरी बहन भी एक top producer है. इतने सालों बाद भी तुम अभी तक बस एक D- list celebrity ही हो. तुम्हारे पास कोई future नहीं है.
लिटिल रिया, इस बार कंपनी ने ये role किसी और को दे दिया है. हमें लगता है कि तुम्हारी image इस role के लिए suitable नहीं है।
उसने कडवी हँसी हँसी. अगर उसे कोने में नहीं धकेला गया होता, तो वह कभी ऐसा खतरनाक plan नहीं बनाती. वो तो बस अपनी जिंदगी आगे बढाना चाहती थी, लेकिन अब.
रिया कंपनी की तरफ जल्दी- जल्दी भागी. जो भी कुछ हुआ था, उसके बावजूद वो ये नहीं भूली थी कि आज उसका audition था.
जैसे ही वह वहाँ पहुँची, कीर्ति का चेहरा तुरंत सख्त हो गया. उसने रिया को घूरते हुए कहा, तो तुम आ ही गईं. मुझे लगा था तुम्हें इस audition की कोई परवाह नहीं है!
सॉरी कीर्ति सिस, मैं लेट हो गई, रिया ने कहा.
रिया ने जल्दी से अपने कपडों पर फैली गडबडी को छुपाने की कोशिश की.
एक नजर में ही You मिनमिन की नजर उसके गर्दन पर पडे निशानों पर चली गई. उसने नीचे झुककर रिया के कपडों को ध्यान से देखा. फिर उसका कॉलर पकडकर उसने कहा, हम अभी डायरेक्टर से मिलने वाले हैं. मुझे तुम्हारी personal life से कोई मतलब नहीं है. लेकिन अगर तुम्हें ये role चाहिए, तो बेहतर होगा खुद को ठीक कर लो, ताकि तुम ऐसी न लगो जैसे अभी- अभी किसी गलत काम से निकली हो!
रिया ने अपने आप को देखा. तभी उसे एहसास हुआ कि उसके शरीर पर पडे निशान साफ- साफ बहुत कुछ बता रहे थे. वो इतने obvious थे कि उन्हें देखकर कोई भी आसानी से समझ सकता था, और ये बात उसके लिए बेहद embarrassing थी.
वो कमबख्त आदमी. वो पूरा जानवर था!
रिया ने तुरंत झुककर माफी मांगी. अपने कपडे ठीक करते हुए वह बाथरूम की तरफ भागी, मन ही मन सोचते हुए—ये सब उस आदमी की वजह से हुआ था. उसने तो जैसे उसकी पूरी जिंदगी और उसका future ही खत्म कर दिया था!
अचानक उसका फोन बजने लगा.
रिया ने झुंझलाते हुए फोन उठाया.
Hello?
रिया, तुम कल रात कहाँ थी? फोन के दूसरी तरफ से Mister महेश की आवाज गुस्से में गूंज रही थी.
Mister महेश उसे बहुत कम ही फोन करते थे, जब तक कोई खास बात न हो. सालों से वो एक पिता के तौर पर लगभग बेकार ही रहे थे, लेकिन रिया उन्हें पूरी तरह अनदेखा भी नहीं कर सकती थी. आखिर उसे अभी भी शर्मा परिवार के घर में ही रहना था.
रिया ने पिछली रात जो कुछ हुआ था, उसके बारे में सोचा. guilty महसूस करते हुए उसने कहा, म- मैं कल रात थोडा busy थी.
मुझे इससे कोई फर्क नहीं पडता कि तुम Kiss चीज में busy थी. तुम्हारी बडी बहन निशा आज अपनी engagement के बारे में family से बात करना चाहती है. तुमने पूरी रात बाहर रहने की हिम्मत कैसे की? Mister महेशने सख्ती से डाँट लगाई.
हाँ, निशा की engagement हो रही थी, लेकिन उसका रिया से कोई लेना- देना नहीं था. रिया ने अपने पिता की गुस्से भरी बातें शांत होकर सुन लीं—उसके दिल में जरा भी दुख नहीं था. इतने सालों में वह उनकी डाँट की आदी हो चुकी थी.
मुझे इससे कोई मतलब नहीं है कि तुम्हारा क्या चल रहा है. तुम अभी वापस आओ. अगर मुझे पता चला कि तुम नहीं लौटी, तो मैं तुम्हारी माँ की अस्थियाँ sharma फैमिली की कब्र से निकालकर समुद्र में फेंक दूँगा, ताकि तुम जिंदगी भर अपनी माँ का कोई हिस्सा भी न देख सको।
जब उसने बात पूरी की, Mister महेशने फोन काट दिया.
इधर शर्मा हाउस में
मिसिस शर्मा ने देखा कि Mister महेशने फोन नीचे रख दिया है. वह उत्सुकता से पूछ बैठी, क्या वह आ रही है?
Mister महेशने जवाब दिया, वह आ रही है।
मिसिश शर्माने धीरे से हाथ बढाकर Mister महेश के सीने को सहलाया ताकि उनका गुस्सा शांत हो सके. महेश, आपको उससे बात करनी चाहिए ताकि वह इस marriage proposal के लिए मान जाए. मैं तो बहुत shocked थी जब महेता परिवार ने अचानक शादी का proposal भेज दिया. हमारी पूजा एक बहुत अच्छी लडकी है—खूबसूरत भी है और समझदार भी—तो मैं उसे उस retard से कैसे शादी करने देती? मैंने तो यहाँ तक सुना है कि वो incontinent है. वो लोग बस पूजा को अपनी family में लाकर नौकरानी बनाना चाहते हैं. रही बात रिया की, तो वो वैसे भी एक illegitimate child है. अगर वो नहीं जाएगी तो और कौन जाएगा?
चिंता मत करो, Mister महेशने कहा, मैं पूजा को तकलीफ में नहीं देख सकता. लेकिन रिया भी मेरी ही बेटी है.
तो तुम्हारा मतलब ये है कि तुम पूजा को किसी और की गंदगी साफ करवाओगे, बजाय रिया के? अगर ऐसा है, महेश, तो तुम्हारे अंदर जरा भी conscience नहीं है. उस समय जब तुमने किसी और औरत से ये बेटी पैदा की थी, तब भी मैंने उसे शर्मा परिवार में रहने दिया और पाला- पोसा. अब जब वो बडी हो गई है, तो तुम उसे मेरे थोडे से काम में भी मदद नहीं करने देना चाहते. उसकी हैसियत देखते हुए, उसे मेहता परिवार में शादी करके उनकी दौलत का हिस्सा बनना उसके लिए तो एक सम्मान की बात होनी चाहिए।
ठीक है, ठीक है। जब मिसीस शर्माने पुराने किस्से छेडकर लगातार शिकायतें करनी शुरू कर दीं, तो Mister महेशने जल्दी से उसे रोकते हुए कहा, मैं उसे भेज दूँगा. वो जाएगी।
Mister महेश थोडी देर के लिए हिचकिचाए थे. लेकिन सोचने के बाद उसे समझ आ गया कि रिया के अलावा कोई और option ही नहीं था.
वे मेहता परिवार को नाराज करने का risk नहीं ले सकते थे. भले ही उनका बेटा थोडा mentally unstable था, लेकिन उनके पास पैसों की कोई कमी नहीं थी. रिया की शादी उस परिवार में करना उनके हिसाब से उसके साथ एक“ fair deal” थी.
तभी बाहर से housekeeper की आवाज आई, बडे साहब, मैडम, Miss रिया वापस आ गई है।
हाउसकीपर ने रिया से कहा, साहब और मैडम अंदर तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं. निशा मेम आज अपनी engagement पर बात कर रही हैं, इसलिए तुम्हारे होने वाले जीजा भी यहाँ आए हुए हैं।
रिया ने हैरानी से हाउसकीपर की तरफ देखा, राहुल भी यहाँ है?
हाउसकीपर ने जवाब दिया, हाँ, वो तुम्हारे आने से ठीक पहले अंदर गया है।
खुश होते हुए रिया घर के अंदर दौडकर गई, लेकिन अगले ही पल वह रुक गई.
अंदर, राहुल और निशा गलियारे में खडे थे.
वे एक- दूसरे के बहुत करीब झुके हुए थे, उनके होंठ लगभग एक- दूसरे को छूने वाले थे. यह बीच में आने का सही समय नहीं था.
रिया वहीं जड होकर खडी रह गई, जैसे
जब उसने आखिरकार पीछे मुडने की कोशिश की, तभी उसके चेहरे पर एक जोरदार थप्पड पडा, जिससे वह लगभग जमीन पर गिरते- गिरते बची. गाल जलता हुआ महसूस हो रहा था, तभी मिसिस शर्मा ने उसे पकडकर खींचते हुए एक कमरे में ले गई.
दरवाजा बंद करने के बाद मिसिस शर्माने मुडकर रिया को घूरा. उसने गुस्से से उंगली उठाकर कहा, बेशरम लडकी. मत सोचो कि मैंने नहीं देखा तुम क्या कर रही थी. वो तुम्हारा होने वाला जीजा है. कितनी बेशर्मी है कि तुमने उसे seduce करने की कोशिश की?
रिया वहीं जड होकर खडी रही. अपने जलते हुए गाल को पकडते हुए उसने मिसिस शर्माकी तरफ हल्की सी मुस्कान के साथ देखा और कहा, सौतेली माँ, अगर मुझे सच में उसे seduce करना होता, तो मैं सिर्फ वहाँ खडी होकर देख नहीं रही होती।
तुम...!! मिसिस शर्मा गुस्से से फटने वाली थीं. जैसे ही रिया जाने लगी, उन्होंने उसके कंधे को जोर से पकडकर उसे सीधा जमीन पर गिरा दिया.
खुद को देखा है तुमने? इतने सालों से हमने तुम्हें एक एहसान की तरह पाला है. तुम्हें और तुम्हारी पागल माँ को सडक पर मरने से बचाया था हमने, और अब तुम मुझसे जुबान लडाने की हिम्मत कर रही हो? तो क्या हुआ अगर मैंने तुम्हें मार दिया?
लेकिन तभी रिया के गले पर पडे साफ- साफ निशान उसकी नजर में आ गए. वो इतने obvious थे कि देख पाना इतना मुस्किल नहीं था.
जैसे उसे कोई बडा सबूत मिल गया हो, मिसिस शर्मा पागलों की तरह बोली, वाह रिया, मुझे पहले से पता था कि तुम्हारी नजरें हमारे घर पर ठीक नहीं हैं. बिल्कुल अपनी माँ पर गई हो तुम—बस लोगों को फँसाना ही आता है. अगर किसी को seduce करना है तो कहीं और जाओ, हमारे घर में तमाशा मत बनाओ. राहुल मल्होत्रा परिवार का वारिस है. तुम्हें क्या लगता है, तुम्हारे जैसी लडकी उसके लायक है? वो तुम्हारी तरफ देखना भी पसंद नहीं करेगा।
मिसिस शर्मा का थप्पड रिया को जरा भी दुखी नहीं कर पाया. लेकिन ये एक साधारण- सा वाक्य उसके दिल को चीरने के लिए काफी था.
फिर भी, रिया हँसने लगी. उसने हल्की- सी हँसी उडाते हुए अपने कपडे ऊपर खींचे, कंधों को ढका और बेपरवाही से अपने कपडे झाडते हुए कहा, अगर आपको लगता है कि मैं उसके लायक नहीं हूँ, इतना कि वो मेरी तरफ देखेगा भी नहीं. तो फिर आप इतनी परेशान क्यों हो.
बाहर से कुछ आवाजें आ रही थीं—राहुल. और निशा बात करते हुए हँस रहे थे. उनकी बातें सुनकर मिसिस शर्मा घबरा गई. कहीं किसी को पता न चल जाए, इस डर से उसने अपनी आवाज धीमी कर ली और रिया के करीब आ गई.
वह धमकी भरे लहजे में बोली, कोई चाल मत चलना।
फिर कुछ सोचकर उसने दोबारा कहा, मेहता फैमिली के लोग थोडी देर में अपने दूसरे बेटे, विनय के साथ आ रहे हैं. ऐसा मत कहना कि मैं तुम्हारी परवाह नहीं करती. मैं तुम्हें उससे मिलवाऊँगी. मेहता फैमिली की अच्छी reputation और background है. अगर तुम उनकी फैमिली में शादी करोगी, तो तुम्हें जिंदगी भर ऐश मिलेगी।
रिया की नजरें डगमगा गईं.
उसे अच्छी तरह पता था कि मेहता फैमिली का दूसरा बेटा कौन है.
सौतेली माँ, आप चाहती हैं कि मैं एक ऐसे आदमी से शादी करूँ जो ठीक नहीं है? और ऊपर से कहती हैं कि ये सब मेरी भलाई के लिए है? रिया ने विरोध में आवाज उठाई.
क्यों, तुम्हें ये शादी मंजूर नहीं है?
अगर इतना ही अच्छा लगता है, तो आप खुद ही उससे शादी कर लीजिए. मैं कोई कठपुतली नहीं हूँ जिसे आप अपनी मर्जी से चला सकें! रिया ने झटके से दरवाजा खोल दिया.
ये देखकर मिसिस शर्माने पूरी ताकत से उसे रोकने की कोशिश की.
लेकिन उस पल रिया ने किसी बात की परवाह नहीं की. वह मुडी और मिसिस शर्माको जोर से धक्का दे दिया.
जमीन पर गिरी हुई मिसिस शर्मा गुस्से से चिल्लाई, रिया, अगर तुमने यहाँ से जाने की हिम्मत की, तो मैं तुम्हारे पिता से कहकर तुम्हारी माँ की अस्थियाँ बाहर फेंकवा दूँगी!
रिया बेबस होकर वहाँ से भाग गई.
उधर.
कबीर को जल्द ही ओबेरॉय फैमिली के मेंशन वापस बुला लिया गया.
जाहिर सी बात थी, ये पूरी घटना उसके दादा—ओबेरॉय परिवार के मुखिया—तक भी पहुँच चुकी थी.
कबीर अपने फैसले पर अडिग खडा था. उसने अपने सामने खडे अपने दादा की तरफ देखते हुए कहा, दादाजी, माँ को इस बात की पूरी समझ नहीं है. उस लडकी और मेरे बीच जो हुआ, वो हमारी मर्जी से नहीं था. वो बस एक accident था और कुछ नही।
कबीर, तुम इतने जिद्दी क्यों हो? जरा सोचकर देखो. क्या सच में उससे शादी करना तुम्हारे लिए इतना मुश्किल है? तुम पहले ही उसके करीब आ चुके हो. क्या तुम्हें वो एहसास जरा सा भी याद नहीं आता?
बिल्कुल भी नहीं! कबीर ने तुरंत जवाब दिया.
कबीर, मैं तुमसे बहुत निराश हूँ। शांत लेकिन रौबदार अंदाज में दादाजी ने ठंडी नजर से कबीर को देखा.
कबीर ने पीछे खडी वंदना ओबेरॉय की तरफ घूरकर देखा.
लेकिन वंदना के चेहरे पर कोई पछतावा नहीं था—बल्कि वो पूरी तरह से अपने फैसले को सही मान रही थीं.
हमारा ओबेरॉय परिवार अपने किए की जिम्मेदारी जरूर लेगा. और सिर्फ इतना ही नहीं—वो लडकी तुम्हारी normal married life के लिए जरूरी है, बल्कि तुम्हारी illness के इलाज की चाबी भी हो सकती है. तुम्हें थोडा practical होना चाहिए. किसी भी हालत में, तुम उसके साथ रात बिता चुके हो. यूँ फायदा उठाकर सब कुछ भूल नहीं सकते, दादाजी ने कहा.
कबीर ने अपने बूढे दादाजी की तरफ देखते हुए कहा, लेकिन मैं उसे बिल्कुल भी नहीं जानता. दादाजी, मैं एक पूरी तरह अजनबी लडकी से शादी के लिए कैसे मान जाऊँ?
अगर मैं तुमसे कहूँ कि अगर तुमने शादी नहीं की. तो मैं तुम्हारी वो छोटी सी लवर. क्या नाम है उसका? मीरा कपूर, है ना. उसका पूरा career खत्म कर दूँगा. उसे ऐसी हालत में पहुँचा दूँगा कि उसे जिंदा रहने से बेहतर मर जाना लगे? दादाजी ने कहा.
दादाजी की आँखें बिल्कुल कबीर जैसी थीं. जब उन्होंने ये धमकी दी, उनकी आवाज शांत थी—लेकिन उनकी नजरों में छुपी ठंडी बेरहमी साफ महसूस हो रही थी.
कबीर ने ठंडे लेकिन सख्त लहजे में कहा, आप जानते हैं. मैं आपको ऐसा करने नहीं दूँगा।
दादाजी ने कहा, मुझे पता है तुम्हारे पंख निकल आए हैं और अब मैं तुम्हें कंट्रोल नहीं कर सकता. तुम तीनों एक- एक करके बागी हो गए हो—कोई प्रेसिडेंट बन गया, कोई सेलिब्रिटी. और तुम. तुम हमेशा से समझदार रहे हो, लेकिन उतने ही जिद्दी भी. लेकिन भले ही मैं तुम्हारे साथ कुछ न कर पाऊँ, लेकिन उस छोटी- सी लडकी को परेशान करने के अपने तरीके मेरे पास हैं. तुम चाहो तो आजमा कर देख लो।
कबीर की आँखों में एक पल के लिए घृणा चमकी, लेकिन अगले ही पल वो गहराती हुई एक ठंडी चमक में बदल गई.
दूसरी तरफ.
रिया ने बस कुछ ही कदम दौडे थे कि उसने कई गाडियों को तेजी से अपनी तरफ आते देखा.
शर्मा परिवार के लोग.
रिया वहाँ से निकलना चाहती थी, लेकिन साफ था कि इस बार शर्मा परिवार ने इस बात को बहुत सीरियस ले लिया था. लगभग सब लोग आ चुके थे, और कुछ ही पलों में उन्होंने रिया को चारों तरफ से घेर लिया.
लडकी, मैं ये सब तुम्हारी भलाई के लिए कर रही हूँ. और फिर भी तुम भागने की हिम्मत कर रही हो? जाओ, इसे पकडकर मेरे पास वापस लाओ!
रिया ने मिसिस शर्मा को घूरकर देखा, मन तो कर रहा था कि अभी जाकर उसे एक थप्पड जड दे.
लेकिन वो अकेली थी. और सामने इतने सारे लोग थे. चाहकर भी वो उनसे जीत नहीं सकती थी.
उसके हाथ पीछे बाँध दिए गए, और रिया को वापस शर्मा हाउस ले जाया गया.
मेकअप आर्टिस्ट उसे तैयार करने लगी, जबकि मिसिस शर्मा उसे ऐसे घूर रही थी जैसे अभी मार ही देगी. घमंड भरे लहजे में उसने डाँटते हुए कहा, तुम जैसी लडकी मुझसे भागने की कोशिश कर रही थी? थोडी देर में अच्छे से तैयार हो जाओ. तुम्हें विनय से मिलना है।
रिया ने दाँत भींच लिए और थोडा छूटने की कोशिश की, लेकिन सब बेकार था.
जब उसे तैयार कर दिया गया, तो मिसिस शर्मा उसे ऊपर से नीचे तक देखने लगी. मन ही मन उसने सोचा—ये लडकी जब सज- धज जाती है तो सच में बहुत खूबसूरत लगती है. इसका नाजुक चेहरा किसी भी आदमी को अपनी तरफ खींच सकता है.
फिर उसके मन में एक और ख्याल आया—इसे जितनी जल्दी हो सके मेहता फैमिली में शादी करके भेजना होगा. नहीं तो ये हमेशा राहुल के आस- पास मंडराती रहेगी. अगर राहुल सच में इस पर फिदा हो गया, तो निशा की जगह खतरे में पड जाएगी.
बाहर से किसी ने आवाज लगाई कि विनय आ चुका है.
मिसिस शर्माके इशारे पर रिया के हाथ तुरंत खोल दिए गए और उसे आगे की तरफ धकेल दिया गया. दरवाजे के उस पार से मेहता फैमिली की ऊँची- ऊँची, उत्साहित आवाजें साफ सुनाई दे रही थीं.
हम सब जानते हैं कि रिया बस एक नाजायज बेटी है. वो हमारे विनय के लायक तो नहीं है, लेकिन तस्वीरों में ठीक- ठाक लगती है. शादी के बाद बस वो मेहता फैमिली की वंश आगे बढाने में मदद करे—तो आगे उसे ही फायदा होगा।
बच्चा पैदा करना?
रिया ने तंज भरी हँसी हँसी. उसके मन में ख्याल आया—क्या उसे सिर्फ बच्चे पैदा करने की मशीन समझा जा रहा है?
रिया ने सामने खडे उस आदमी को देखा—कद मुश्किल से एक दशमलव छह मीटर, शरीर झटकों से कांप रहा था, और वो बार- बार सिर हिलाते हुए इधर- उधर देख रहा था. बिल्कुल किसी लापरवाह बच्चे की तरह वो अपनी उंगलियाँ चबा रहा था.
मिसिस शर्मा मुस्कुराते हुए बोली, देखा रिया? यही है तुम्हारा होने वाला पति. अब तुम्हारे सुनहरे दिन आने वाले हैं।
बेशक, रिया उसके शब्दों में छिपा घमंड और मजाक साफ- साफ समझ सकती थी.
तभी अचानक विनय जैसे पागलपन के दौरे में चला गया. जोर- जोर से चिल्लाते हुए वो पास खडे लोगों पर झपट पडा.
अंदर पूरा माहौल एकदम अफरा- तफरी में बदल गया. मेहता और शर्मा—दोनों फैमिली के लोग उसे घेरकर संभालने की कोशिश करने लगे.
मिसिस शर्मा खुद भी हिल गई थी. जिस तरह वो आदमी बेकाबू होकर इधर- उधर झपट रहा था, वो नजारा इतना घिनौना था कि उसे उल्टी आने जैसी महसूस होने लगी.
अंदर ही अंदर मिसिस शर्माने राहत की साँस ली. अच्छा हुआ कि अब रिया को उससे शादी करनी थी, पूजा को नहीं. वरना वो सच में गुस्से से मर ही जाती.
लेकिन जैसे ही उसने पलटकर देखा, उसके पास कोई नहीं था.
रिया. ये रिया कहा चली गई? उसका चेहरा गुस्से से बिगड गया. जाओ, उसे ढूँढो! मिलते ही उसे अच्छी तरह सबक सिखाना!
रिया को खुद भी नहीं पता था कि वो कैसे वहाँ से निकल पाई. उसे बस इतना पता था कि जब वो आखिरकार अकेली हुई, तो इतनी भाग चुकी थी कि उसकी साँसें जैसे टूटने वाली थीं.
लेकिन तभी उसकी नजर सडक किनारे खडी एक कार पर पडी.
रिया वहीं ठिठक गई.
कार की खिडकी के पीछे उसे कबीर का ठंडा, नफरत भरा चेहरा साफ दिखाई दे रहा था.
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