तेरी आंखे है कोई भूल भुलैया समझ नहीं आता है।
जब भी देखूं उनमें हमेशा सब कुछ भूल जाते है ।
कुछ ना कहो तब भी ये आंखे सब कुछ कह जाती है
तुम्हारे दिल के अनकहे राज़ सुना जाती है ।
दिल में छुपी है बात कह दू या चुप रही समझ नहीं आता पर जब तेरी आंखों में देखा हमेशा एक अपनापन ही दिखता है ।
सारी दुनिया के राज़ जाने है फिर ना कुछ माने है अपनों के लिए आंखों में प्यार है छुपा लेती है सारे दर्द ओर देती बस एक अपना एहसाह है ।
कभी ना आए इन आंखों में पानी दुआ है मेरी रब से
देखा है मैने तुझको जब से ।