|| ॐ श्रीपरमात्मने नमः||
प्रश्नोत्तरी
(स्वामी श्रीशंकराचार्यरचित 'मणिरत्नमाला')
जैसे ही 'शास्त्र' शब्द पढ़ते हैं, तो ऐसा लगता है कि किसी वजनदार किताब की बात हो रही है।
हम भूल ही जाते हैं कि शास्त्रों को 'शास्त्र' उनके 'पन्नों के वजन' की वजह से नहीं, उनमें 'लिखी गई बात के वजन' के लिए कहा जाता है।
आचार्य शंकर से जब किसी ने 'भारी' प्रश्न पूछने की कोशिश की, तो उन्होंने इतने सीधे और सटीक जवाब दिए कि आपको भी पढ़कर आनंद आजाएगा।
आगे दी गई सवाल-जवाब की श्रृंखला को ध्यान से पढ़ें:
प्रश्न:- बंधन में कौन है?
उत्तर:- जो लालची है
प्रश्न:- घोर नरक क्या है?
उत्तर:- अपना शरीर
प्रश्न:- शत्रु कौन हैं?
उत्तर:- अपनी इन्द्रियाँ; परन्तु जो जीती हुई हों तो वही मित्र हैं
प्रश्न :- गरीब कौन है?
उत्तर:- जिसे अभी और चाहिए
प्रश्न:- और धनवान् कौन है?
उत्तर:- जिसे संतोष है
प्रश्न:- वास्तव में फाँसी क्या है?
उत्तर:- जो 'मैं' और 'मेरापन ' है
प्रश्न:- अन्धा कौन?
उत्तर:- जो वासना से व्याकुल है
प्रश्न:- जगत को किसने जीता?
उत्तर:- जिसने मन को जीता
प्रश्न:- वीरों में सबसे बड़ा वीर कौन है?
उत्तर:- जो कामबाणों से पीड़ित नहीं होता
प्रश्न:- सदा दुःखी कौन है?
उत्तर:- जो संसार के भोगों का लालच रखता है
प्रश्न:- पशु कौन है?
उत्तर:- जो सद्विद्या से रहित है
प्रश्न:- किसका जन्म सराहनीय है ?
उत्तर:- जिसका फिर जन्म न हो
प्रश्न:- किसकी मृत्यु सराहनीय है? -
उत्तर:- जिसकी फिर मृत्यु नहीं होती
प्रश्न:- गूंगा कौन है?
उत्तर:- जो समय पर उचित वचन कहने में समर्थ नहीं है
प्रश्न:- और बहिरा कौन है?
उत्तर:- जो यथार्थ और हितकर बात नहीं सुनता
प्रश्न:- बिजली की तरह क्षणिक क्या है?
उत्तर:- धन, यौवन और आयु
प्रश्न:- सबसे उतम दान कौन सा है?
उत्तर:- जो सुपात्र को दिया जाए
- प्रश्नोत्तरी मणिमाला से एक अंश