कितनी अजीव वात है माता पिता के झगडे मे बच्चो का भविष्य भी जलकर राख हो जाता है। पति पत्नी का झगडा वच्चो वचपन , उनकी सारी खुशियाँ एवं उनके सुकून को खा जाता है । जो वच्चे अपने माता पिता को वचपन से ही लडते झगडते देखते हो। वो बच्चे अक्सर चुप , गुमसुम , तनाव मे मिलेगे । उनका वचपन कही जो जाता है। इसका सीधा प्रभाव उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है । ऐसे घर मे जहाँ सुकून न हो , वच्चो का पढ़ना वडे संघर्ष की वात हो । रोज रोज के झगडे, मारपीट, गृह क्लेश वच्चो के पूरे जीवन को प्रभावित करता है ।