Chalu Takea Bridge

Chalu Takea Bridge

चोलु टेका ब्रिज

आज मैं आपको एक कहानी सुनाने जा रही हूं जो कि चोलू टेका की है ब्रिज की कहानी है इस कहानी में हम आपको बताएंगे की इस ब्रिज की सुन रहे हैं हम किसी और चीज के बारे में बात कर सकते थे या बता सकते यह ब्रिज अमेरिका में स्थित है और बहुत लंबा और बहुत ही सुंदर है देखने में बिल्कुल खूबसूरत सोच रहे होंगे कि ब्रिज भी खूबसूरत हो सकता है हां हो सकता है क्योंकि इस ब्रिज को बनाया है बहुत अनुभव कारीगर ने है ब्रिज को बनाया तो क्यों है अमेरिका में क्यों बनाया वहां पर प्रसिद्ध करने के लिए हां शायद हम कह सकते हैं की प्रसिद्ध करने के लिए बनाया गया था

एफएओ के अनुसार , चोलुटेका नदी स्रोत से मुंह तक 349 किलोमीटर (217 मील) लंबी है। इसके हाइड्रोग्राफिक बेसिन का क्षेत्रफल 7,681 वर्ग किलोमीटर (2,966 वर्ग मील) है। [1] यह बारिश के मौसम के साथ-साथ मई और अक्टूबर के बीच अपनी मात्रा बढ़ाता है। इसका बेसिन अल नीनो घटना के साथ गंभीर सूखे से प्रभावित है , और यह आमतौर पर गंभीर झाड़ियों की आग से जुड़ा होता है।

नदी के मुख्य मार्ग पर उसके प्राकृतिक स्वास्थ्य को छोड़ देने के लिए कोई बांध नहीं बनाया गया है [ उद्धरण वांछित ] ।

1998 में तूफान मिच के दौरान इस नदी की बाढ़ विनाश का एक प्रमुख स्रोत थी । इसने तेगुसीगाल्पा में पूरे पड़ोस को धो दिया, और अंततः चोलुटेका में अपने सामान्य आकार से छह चट गुना बढ़ गया। वहां उसने पड़ोस और वाणिज्यिक केंद्र के हिस्से को नष्ट कर दिया। इसके अलावा नीचे इसने छोटे मोरोलिका को भी तबाह कर दिया, पूरे गांव को नष्ट कर दिया, जिससे शहर को तीन मील ऊपर की ओर फिर से बनाने की आवश्यकता हुई। [2] तूफान ने नदी को फिर से मोड़ दिया, जो अब न्यू चोलुटेका ब्रिज के नीचे नहीं बह रही थी । चोलुटेका -ब्रिज से हमें क्या सीख मिले हमने इसके बारे में इतनी सारी बातें क्यों की और हम अपनी जिंदगी में कैसे से जोड़ सकते हैं और इस कहानी का सुनाने का क्या आदर्श था और इस सब को समझने के लिए हम एक और कहानी को सुनेंगे और इस कहानी को हम दूसरी कहानी से जोड़ेंगे की जैसे यह ब्रिज लोगों की भलाई के लिए बना था। परंतु यह बनाया लोगों की भलाई के लिए था परंतु यह थोड़ा बहुत लोगों के काम भी आया पर यह लोगों की भलाई के लिए ज्यादा काम नहीं आ पाया ऐसी हम इस दूसरी कहानी के माध्यम से समझेंगे की इस कहानी को सुनाने का क्या मकसद था।

...एक लड़का था। जिसका नाम देव था। वह बहुत ही समझदार और बुद्धिमानी था। हर कक्षा में प्रथम आता था। जब उसने अपनी पढ़ाई को आगे बढ़ाने और अच्छे से सीखने के लिए बाहर जाने के लिए अपने माता पिता से पूछा कि वह यूक्रेन जा सकता है लेकिन उनके माता-पिता ने उन्हें मना कर दिया और कहां कि बाहर जाने से अच्छा है आप अपने देश में ही रह कर पढ़ाई करो अपने देश को बढ़ाओ तब देव ने बोला अपने माता-पिता से की मैं बाहर जाकर बाहर की चीज देख कर आऊंगा और अपने देश को आगे बढ़ाना चाहता हूं परंतु उनके माता-पिता ने कभी उन्हें मना कर दिया जब यह बात देव ने अपने अध्यापकों बताइए तो अध्यापक ने बोला कि मैं आपके माता-पिता से बात करूंगा और अध्यापक जी देव के घर पहुंचे और देव के माता-पिता से बात की वह देव को जाने दे यूक्रेन क्योंकि हर चीज हम अपने देश में नहीं सीख सकते हमें बाहर भी जाना पड़ सकता है और कुछ चीजें सीख करानी होती हैं और अपने देश को आगे बढ़ाना होता है...

तब देव के माता-पिता ने महसूस किया कि उनका बेटा सही है और उसे जाने दिया जाए वह देश को अनुमति दे देते हैं कि वह चला जाए यूक्रेन पढ़ने के लिए जब देव ने सुना कि उसे जाने की इजाजत मिल गई है वह बहुत ही ज्यादा खुश हो गया और अपनी जाने की तैयारी शुरू कर दी और अपनी तैयारी खत्म करने के बाद वह अपने माता-पिता और अपने अध्यापक से विदा लेकर यूक्रेन चला गया वह यूक्रेन कम से कम 5 साल के लिए गया था जब उसको 2 साल हो गए तब अचानक से ही रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया और उस दौरान देव भी वही पर था। वह वहां पर इस हमले के दौरान फस गया। और वह पर यूक्रेन में उसे खाने के लिए भी कुछ नहीं मिल पाया देव को अफसोस हुआ की उसने यूक्रेन में आकर गलती कर दी है तब भारत ने भारतीय लोगों को यूक्रेन से बाहर निकाला और तब वह जब वहां से आया भारत तो एहसास हुआ कि वह 2 साल यहां पर बिता कर आया है तो वहां की जो उसने पढ़ाई की है उसके लिए काम

मैं नहीं आई है अब वह इस दुर्घटना के बाद मानसिक तौर से

बीमार हो रहा था और उसने सोचा कि मैं मैंने अपने 2 साल वहां पर बेकार कर दी हैं मैं अब इस जिंदगी का क्या करूंगा तो उसने अपने आप को आत्मा हत्या करने की कोशिश की और तब उसके मां-बाप ने उसे रोका और समझाया कि हर चीज तुम्हारे हिसाब से नहीं हो सकती तो तुम इस चीज को बर्बाद ना कर कर अपनी जिंदगी को उपयोग करो और अपने देश में लगाओ और तब देखो अपनी गलती का दोबारा से एहसास हुआ और उसने जो बची हुई पढ़ाई थी उसको तो वह पूरा नहीं कर सकता था क्योंकि वह यूक्रेन में ही हो सकती थी परंतु वह दूसरी पढ़ाई यहां पर देश मैं कुछ और भी कर सकता है तो उसने अपनी दूसरी पढ़ाई का रास्ता बनाया और हार नहीं मानी भले ही उसने अपना सपना छोड़ा हो परंतु उसने अपने देश के लिए अपने आप को संभाला और देश में ही रहकर देश की इंडियन आर्मी को ज्वाइन किया। अब हम आपको बताएंगे यह कैसे इस चालू टीका ब्रिज और दूसरी कहानी कैसे एक दूसरे से जुड़ी हुई है जैसे कि वैसे ही देव की जिंदगी में हार ना मानकर अपनी जिंदगी में जैसे चोलुटेका ब्रिज वहीं पर रहकर यह बताता है कि वह हमारी जिंदगी में बहुत सारे ऐसे पल आते हैं कि हमें अपने आप को संभालना होता है जैसे कि वह ब्रिज वहीं पर स्थित है, वैसे ही अपनी जिंदगी में हमें कभी हार नहीं माने चाहिए और कोशिश करते रहना चाहिए और समय का सदुपयोग करना चाहिए।

Episodes

Download

Like this story? Download the app to keep your reading history.
Download

Bonus

New users downloading the APP can read 10 episodes for free

Receive
NovelToon
Step Into A Different WORLD!
Download NovelToon APP on App Store and Google Play