रियांश की बात सुनकर खुशी डर कर दो कदम पीछे हट गए

सुबह का टाइम खुशी आज अकेले ही कॉलेज जा रही थी क्योंकि अंजलि आज किसी काम की वजह से कॉलेज नहीं जा रही थी खुशी स्कूटी चला रही थी एकदम से

उसने जल्दी से ब्रेक लगाया उसके साथ-साथ वहां जितने भी लोग थे सब रुक गए सब लोगों ने सामने देखा तो वहां बहुत सारी कारे आकर रुकी उनमें से बॉडीगार्ड निकले और एक व्हाइट कर के पास जाकर उसका गेट खोला

उसमें से रियांश निकला और उसने एक नजर खुशी को देखा वही खुशी रियांश को देखकर थोड़ी हैरान थी और अपनी स्कूटी से उतरकर एक साइड खड़ी हो गई रियांश चलकर खुशी के पास आया कल से देखते हुए बहुत अजीब तरीके से बोला

मुझे यहां देखकर अच्छा नहीं लगा खुशी उसके बाद सुनकर मुंह बनाकर बोली बिल्कुल सही कहा बिल्कुल अच्छा नहीं लगा क्योंकि तुम्हें देखकर किसी को भी अच्छा नहीं लगता तो मुझे क्या लगेगा

रियांश खुशी की बात सुनकर मुस्कुराया बोला तुम्हें लोगों की मदद करना बहुत पसंद है ना अब मैं तुम्हें सिखाता हूं दूसरों की मदद करने से खुद का क्या हाल होता है वैसे मैंने सुना है लड़कियों को सॉरी मिडिल क्लास थोड़ी बहुत लड़कियों को अपनी इज्जत बहुत प्यारी होती है

और फिर रियांश अपना चेहरा खुशी के पास लाकर बोला अगर मैं तुम्हारी इसी इज्जत की धज्जियां उड़ाऊ तो कैसा रहेगा रियांश की बात सुनकर खुशी दो कदम पीछे हट गई

रियांश खुशी को डरता देख मुस्कुरा दिया रियांश ने अपनी दाढ़ी पर हाथ रखकर सैलाया और फिर खुशी की तरफ देखकर बोला  लेकिन मेरा एक उसूल है मैं किसी भी लड़की की इज्जत के साथ नहीं खेलता इसलिए तुम्हारा इज्जत मुझे बच गई

लेकिन मेरे पास एक अच्छा आईडिया है क्यों ना तुम मुझे सबके सामने किस करो तो शायद मैं तुम्हें छोड़ दूं तो क्या ख्याल है बोलो खुशी रियाश की बात सुनकर घबराकर बोली देखो मैंने तुमसे माफी मांगती हूं क्योंकि मेरी दीदी ने कहा था लेकिन तुम मुझे माफ करो या ना करो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है वह तुम्हारी मर्जी

लेकिन मैं ऐसा बिल्कुल नहीं करूंगी क्योंकि मुझे फर्क नहीं पड़ता तो मुझे माफ करते हो या नहीं पर मै ऐसा कुछ नहीं करूंगी समझे तुम यह बोलकर खुशी वहां से जाने लगी जैसे  रियाश ने खुशी को जाता देखा हूं रियांश ने खुशी का

रियांश अपना चेहरा खुशी के पास लाकर बोला अगर मैं तुम्हारी इससी इज्जत की धज्जियां उड़ाऊ तो तुम्हें कैसा लगेगा रियांश की बात सुनकर खुशी डर कर दो कदम पीछे हट गए रियांश खुशी को डरता देख  मुस्कुरा दिया

रियांश ने अपनी दाढ़ी पर हाथ रख कर सेलाया फिर खुशी की तरफ देखकर बोला लेकिन मेरा एक हुसूल है कि मैं किसी लड़की की इज्जत के साथ नहीं खेलता इसलिए तुम्हारी इज्जत मुझे बच गई लेकिन ‌एक अच्छा आईडिया हैं क्यों ना तुम मुझे सबके सामने किस करो तो शायद मैं तुम्हें छोड़ दूं

तो क्या ख्याल है बोलो खुशी रियांश की बात सुनकर घबराकर बोली देखो मैंने तुमसे माफी मांगी क्योंकि मेरी दीदी ने कहा था  तुम मुझे माफ करो या ना करो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है

वो तुम्हारी मर्जी लेकिन मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगी क्योंकि मुझे फर्क नहीं पड़ता कि तुम मुझे माफ करो या ना करो  लेकिन मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगी समझे यह कहकर वो जैसे ही जाने को हुई रियांश ने खुशी  का हाथ पकड़ा और अपने चेहरे के पास उसका चेहरा लाकर बोला ना ना बेबी बिना सजा के तुम यहां से नहीं जा सकती और वैसे भी मैंने तुम्हें इतनी छोटी सी सजा दिए वो तो तुम्हें पूरी करनी होगी और मुझे मजबूर मत करो तुम्हारे साथ कुछ बड़ा करने के लिए जो तुम कभी सह नहीं पाओगे

वहीं दूसरी तरफ

अंजलि कुछ सोचते हुए सड़क पर चल रही थी इतने में उसकी नजर एक औरत पर पड़ी जो रोड क्रॉस करने की कोशिश कर रही थी अंजलि जल्दी से उनके पास आई और उनका हाथ पकड़ कर रोड क्रॉस करने लगी

वही सामने एक कार खड़ी थी उसमें कोई था जो अंजलि को उसे औरत की मदद करते  मुस्कुराते हुए देख रहा था अंजलि उसे औरत को रोड क्रॉस कराकर वापस जाने लगी इतने में वो कार आन कर अंजलि के बराबर में रुके अंजलि एकदम से अपने पास कार को  देखकर डरकर पीछे हो गई 

उसमें  से  अर्जुन निकला और अंजलि को पास आकर बोला सॉरी तुम्हें चोट  तो नहीं लगी मैंने सच में जान पूछ कर नहीं किया था अंजलि ने उसको देखा और बोली इस ओके यह कहकर अंजलि जाने लगें

अर्जुन अंजलि हो जाता देख जल्दी से उसके पास आया और बोला रुको तुम कहां जा रही हो आओ मैं तुम्हें छोड़ देता हूं अंजलि उसकी कोई जरूरत नहीं है मैं खुद  जा सकती हूं अर्जुन मुझे पता है तुम खुद जा सकती हो लेकिन मैं तुम्हें छोड़ दूंगा अंजलि मैं तुम्हें जानती भी नहीं ऐसे कैसे मैं तुम्हारे साथ चली जाऊं हूं

और वैसे भी मैं अजनबी लोगों से बातें नहीं करती अर्जुन ने फिर से अंजलि को जाता देख जल्दी से अंजलि का हाथ पकड़ा अंजलि अर्जुन का हाथ पकड़ने से गुस्से हो गई उसने अपना हाथ छुड़ाया और बोली यह क्या हरकतें तुम्हें शर्म नहीं आती बीच सड़क पर किसी लड़की का हाथ पकड़ते हुए

मैंने तुमसे एक बार कहा ना मुझे नहीं आना तुम्हारे साथ अर्जुन सॉरी मुझे नहीं पता था तुम इतना गुस्सा हो जाओगे मैं बस यही कह रहा हूं मैं तुम्हें छोड़ देता हूं और रही बात हम दोनों की जान पहचान की वो  अभी जान पहचान  कर लेते हैं मेरा नाम अर्जुन है

और तुम्हारा क्या नाम है यह कहकर उसकी तरफ अपना हाथ बढ़ा दिया

अंजलि ने अर्जुन के हाथ को देखा और बोली मुझे कोई शौक नहीं है किसी से जान पहचान बढ़ाने का अगर दोबारा से मेरा रास्ता रोका ना तो यहां पर भीड़ इकट्ठे कर लूंगी और कहूंगी तुम मुझे परेशान कर रहे हो फिर तुम ही जानना लोग तुम्हारे साथ क्या करेंगे

Continue रेटिंग कमेंट देना ना भोलिएगा 👍🙏

Download

Like this story? Download the app to keep your reading history.
Download

Bonus

New users downloading the APP can read 10 episodes for free

Receive
NovelToon
Step Into A Different WORLD!
Download NovelToon APP on App Store and Google Play