आर्यन और प्रिया इस समय तारागढ के बाजार में घूम रहे थे जब प्रिया ने आर्य के चेहरे को देखा तो उसने पाया कि वह आज सुबह से ही सोच में है प्रिया को इसकी बहुत गहरी से आदत थी वह छह साल से सूर्यवंशीपरिवार में और वह केवल एक ही व्यक्तिआर्यन के साथ ही बातचीत करती थी बाकी लोगों से उसकी इतनी बातचीत नहीं थी वह केवल सूर्यवंशी परिवार में आर्यन और उसके पिता और उसके चचाओं से बात करती थी आर्यन को अच्छे से पता था कि प्रिया की पृष्ठभूमि बहुत ही खास है जिस कारण से उसके पिता अभी उसे नाराज करने की कोशिश नहीं करते परंतु आर्यन को यह देखकर हैरानी होती थी कि यह छोटी लडकी उसके लिए बहुत ही अच्छी थी वह हमेशा उसकी हर चीज का ख्याल रखती थी वह किसी को उसे परेशान भी नहीं करने देती थी क्योंकि आर्यन साधना नहीं कर सकता था ऐसा सबको लगता था जिस कारण से वह उसे परेशान करने की कोशिश करते थे परंतु प्रिया हमेशा उसके आगे खडी रहती थी जिस कारण से आर्यन को या छोटी लडकी पसंद थी जब प्रिया और आर्यन आपस में बातचीत कर रहे थे तभी अचानक से ही उनके सामने एक युवक आ गया आर्य ने उसी को देखा और पूछा वर्मा परिवार का युवा स्वामी राघव तुम यहां क्या कर रहे हो यह सुनकर राघव कहता है सुन ले कचरा तुम सिर्फ एक बेवकूफ हो तो मैं क्या फर्क पडता है कि मैं यहां क्या कर रहा हूं फिर राघव प्रिया की ओर देखा है और मुस्कुराते हुए कहता है Miss प्रिया हम फिर से मिले आप कैसी हैं क्या आप मेरे साथ बाजार में घूमने चाहेंगे यह सुनकर प्रिया उसे नजर अंदाज करते हुए कहती है बडे भाई आर्यन चलो हम उसे दुकान पर चलते हैं वहां पर सजावट के लिए अच्छी चीज हैं यह सुनकर आर्यन कहता है चलो चलती है प्रिया और आर्य ने मुझे नजर नाराज करके चले जाते हैं यह देखकर राघव की आंखों में ठंडी चमक आ जाती है और वह अपने साथ वाले से कहता है कुछ भी हो जाए हमें इसे मार देना होगा यह सुनकर उसके साथ वाला रक्षक कहता है महामही ध्यान से बातचीत कीजिए यह बाजार सूर्यवंशी परिवार का है यदि हमने कुछ भी गलत किया तो भी हमारा पीछा करेंगे यह सुनकर राघव को याद आया तारागढ में मुख्य रूप से तीन परिवारों का राज था शर्मा परिवार सूर्यवंशी परिवार और सिंह परिवार यह तीनों परिवारों के अलग- अलग बाजार थे जिस कारण से एक दूसरे के क्षेत्र में ज्यादा दूर तक जाने की कोशिश नहीं करते थे नहीं तो उन्हें बडी कीमत चुकानी पडती परंतु उसने हार नहीं मानी और कहा हम इंतजार करेंग गुप्त रूप से उनका पीछा करो और एक अच्छा मौका ढूंढो यह सुनकर वह रक्षक कहता है ठीक है युवा मास्टर मैं उसका पीछा करता हूं यह कहकर वह उनका पीछा करने लगे कुछ देर बाजार में घूमने के बाद आर्यन और प्रिया दोनों ही एक इंसान गली से जा रहे थे तभी अचानक से वर्मा परिवार का युवा स्वामी राघव दोबारा उनके सामने आ गया यह देखकर आर्य ने पूछा तुम बाकी चाहते क्या हो तुम बार- बार हमारे सामने क्यों आते हो यह सुनकर राघव कहता है तुम बेकार कचरा तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझसे सवाल पूछने की तो मैं क्या पता तुम उसे लडकी के लायक नहीं हो और अब मैं तुम्हारे हाथ पैर तोड दूंगा इतना कहकर उसने अपने रक्षोंको से कहा जो और इसके हाथ पैर तोड कर लो यह सुनकर रक्षक कौन है आर्यन पर हमला कर दिया यह देखकर आर्य ने अपने चेहरे पर कोई डाल नहीं दिखाई और एक सीटी बजाई जैसे ही आर्य ने सिटी बजाई दस से अधिक रक्षक है आर्यन के सामने आ गई यह देखकर राघव का चेहरा काला पड गया बाकी रक्षक भी काफी हैरान थे उन्हें यह बात कैसे समझ नहीं आई कि आर्यन सूर्यवंशी परिवार का युवा स्वामी है वह कितना ही बेकार क्यों ना हो परंतु उसके पिता ने उसके लिए रक्षा करने के लिए कई रक्षों को लगाया होगा यह सोचकर राघव के पास खडा है रक्षक है ने राघव को पकडा और वहां से निकल गया बाकी रक्षकों को आर्यन के रक्षको ने पीट कर पकड लिया यह नजारा देखकर आर्यन ने निराशा के भाव दिखाएं और कहां देखा प्रिया इसलिए मैं कहता हूं तुम्हें एक मजबूत व्यक्ति को ढूंढना चाहिए जो तुम्हारी रक्षा कर सके यह सुनकर प्रिया ने कहा बडे भाई आर्यन बेशक आप ताकतवर ना हो पर मुझे भरोसा है कि आप एक दिन ताकतवर जरुर पढेंगे इतना कहकर प्रिया ने जोर से आर्यन का हाथ पकड लिया यह देखकर आर्य ने कुछ नहीं कहा पाया वह इस लडकी से दूर नहीं जा सकता था आर्यन जब शुरू में से दूर रहता था तो यह लडकी पूरा- पूरा दिन रोती थी जिस कारण से आर्यन का इस लडकी से कह रहा जुडाव हो गया और वह इसके चेहरे पर दुख नहीं देख सकता था आर्यन को बाकी किसी से इतना फर्क नहीं पडता था परंतु यह उसके लिए बहुत खास थी इसलिए वह इस पर शक्ति नहीं बरत पाता था यह सोचकर आर्यन मैन ही मन ए बरता है और आर्यन और पिया वापस महल में चले जाते हैं तारागढ में आर्यन इकलौता ही सूर्यभान का इकलौता बेटा था परंतु सूर्य भान के दो बेटे और थे कि दूसरे शहर में थे वे दोनों की प्रतिभा काफी अच्छी थी जिस कारण से वह दोनों ही एक अच्छे सेट में भारती हो गए थे वे दोनों ही आर्यन से बहुत प्यार करते थे जिस कारण से वह हर महीने उसके लिए अच्छे संसाधन भेजते थे ताकि आर्यन साधना शुरू कर सके यही कारण ताकि अखियां ने सूर्यवंशी परिवार में होने के बाद भी अच्छे से साधना कर पा रहा था वरना ऐसे वीरान क्षेत्र में उसकी इतनी जल्दी गोल्डन को क्षेत्र तक पहुंचना संभव होता सूर्यभान स्वयं भी केवल नवजात आत्मा क्षेत्र के प्रथम चरण पर थे सूर्यभान सूर्यवंशी परिवार और बाकी तीनों परिवारों में सबसे ताकतवर थे जिस कारण से उनका परिवार सुन तारागढ में सबसे ताकतवर परिवारों में से एक था इसीलिए उनका प्रदर्शन काफी अच्छा रहता था इस दिन आर्यन और प्रिया जब महल में पहुंचे तो एक लडका आर्यन के पास आया युवा स्वामी मालिक आपको सभा में बुला रहे हैं यह सुनकर आर्यन काफी हैरान हुआ और अच्छा ऐसा क्यों यह सुनकर वह बोला मुझे नहीं पता कई मेहमान आई है यह सुनकर आर्यन थोडा हैरान होता है परंतु वह इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचता और प्रिया के साथ सभा में चला जाता है जब वह सभा में पहुंचता है तो वह पता है कि वहां पर कई लोग बैठे थे आर्यन उसके पिता को देखता है और पाता है कि उसके पिता और दोनों चाचा और दस बुजुर्ग वहीं पर थे और उनके सामने इस समय पांच बुजुर्ग और एक महिला शिष्य बैठी थी वह भी आर्यन की तरह सोलह साल की ही थी और वह काफी सुंदर भी थी जब आर्य ने उन पांचो को देखा और उन पाँच ने आर्यन को देखा तो आर्यन थोडा हैरान था आर्य ने पाया कि यह पांच मै से चार बुजुर्ग गोल्डन कोर क्षेत्र के शिखर पर हैं एक बुजुर्ग तो नवजात आत्मा के पहले चरण पर है आर्यन के पिता देखते हैं कि आर्यन के चेहरे पर असमंजस के भाव है तो वह बताते हैं आर्यन यह पांचो बुजुर्ग राजगढ से आए हैं और भी राजगढ के सबसे बडे परिवार मेघदूत परिवार से हैं मेघदूत परिवार यहां पर उनकी बेटी का रिश्ता लेकर आया है यह सुनकर आर्यन थोडा हैरान होता है पर वह अभी भी कुछ नहीं बोलता वह केवल अपने पास में प्रिया को देखता है और पाता है कि उसने अपना चेहरा नीचे कर रखा था आर्यन कैसे नहीं समझ पाता कि वह क्या सोच रही है पर उसने कोई सफाई नहीं दी और जाकर अपने पिता के पास वाली सीट पर बैठ गया तभी आर्यन के पिता ने बुजुर्ग राकेश से पूछा जो कि नवजात आत्मा चरण पर था आप बताइए बुजुर्ग राकेश आप रिश्ते के लिए मेरे कौन से बेटे को चुनते हैं यह सुनकर वह कहता है हम यहां पर आपके प्रथम पुत्र के लिए आए थे यह सुनकर आर्यन के पिता कहते हैं मैं मानता हूं कि आप के परिवार का बडा रुतबा है परंतु बुजुर्ग राकेश आपको भी पता है मेरा बडा बेटा और दूसरा बेटा इस समय जवाहरलाल संप्रदाय में है और मैंने सुना है कि वह पहले ही नवजात आत्मा के पांचवें चरण पर पहुंच चुका है जिस कारण से वह एकांत साधना में है और वह काफी समय तक वापस नहीं आएगा इसलिए मैं यह फैसला नहीं कर सकता कि वह क्या चाहता है यह सुनकर बुजर राकेश निराश नहीं होते उन्हें अच्छे से पता था कि उनका प्रथम बेटा और दूसरा बेटा काफी प्रतिभाशाली है तभी उनकी नजर आर्यन पर जाती है और वे पूछते हैं आपके पास वाला बच्चा कौन है यह सुनकर सूर्यभान कहते हैं वह मेरा तीसरा बेटा है और वह सबसे छोटा है यह सुनकर राकेश की आंखों में चमक आती है और वह पूछते हैं तो आपके बेटे को Kiss संप्रदाय में शामिल होने की आशा है क्या वह भी ज्वाला संप्रदाय में भर्ती होना चाहता है यह सुनकर सूर्यभान कहते हैं यह अभी संभव नहीं है मेरे तीसरे बेटे ने अभी साधना शुरू नहीं की है परंतु अभी भी दो साल बाकी है तो मुझे उम्मीद है कि वह कर लेगा यह सुनकर बुजर राकेश काफी हैरान होती है और कहते हैं क्या अभी उसने साधना शुरू नहीं की क्या वह बेकार नहीं है यह सुनकर सूर्यवान की आंखों में ठंडी चमक आती है बुजुर्ग राकेश भी से महसूस करते हैं और उन्हें समझ आता है कि उन्होंने गलत बात छोड दी तभी अचानक से एक मधुर आवाज आती है अंकल सूर्यभान सूर्यभान देखते हैं कि यह आवाज बुजुर्ग राकेश के बगल में बैठी लडकी की थी और वह थोडे नरम पड जाते हैं और वह कर हिलाते हैं वह लडकी कोई और नहीं बल्कि निधि थी निधि भी ज्वाला संप्रदाय की बाहरी शिष्य थी बुजुर्ग राकेश निधि की बडी बहन का रिश्ता लेकर आए थे निधि केवल उनके परिवार को देखने के लिए आई थी निधि ने आर्य की ओर देखा और कहा अंकल आर्यन मेरे बुजुर्ग की बातों का बुरा मत मानिएगा मैं मानती हूं की आर्यन बहुत ही सुंदर है और परिपक्व है पर आप भी जानते हैं की साधना की दुनिया में ताकत ही मायने रखती है मैं भी सोलह साल की हूं और मैं पहले ही कोर गठन के पांचवें चरण पर हूं जिस कारण से अंकल राकेश ने आर्यन से ऊंची उम्मीद रखी थी यह सुनकर सूर्यवान के बगल में बैठे आर्यन के बडे चाचा मुकेश कहते हैं आप क्या कहना चाहते हैं आपको क्या लगता है मेरा भतीजा इतना सस्ता है यह सिर्फ इतना है कि उसने साधना शुरू नहीं की है उसके दो बडे भाई हैं यदि वह साधन भी नहीं करता तो भी वह आराम की जिंदगी जी सकता है छोटी बच्ची अपनी जुबान पर काबू रखो हमें फर्क नहीं पडता तुम Kiss परिवार से हो पर मुझे मेरे भतीजे से बहुत प्यार है यह देखकर वह लडकी भी चुप हो जाती है तभी बुजुर्ग राकेश कहते हैं चलिए हम इस बात को छोडते हैं यह पूरी तरह से मेरी गलती थी तभी निधि रहती है नहीं बुजर राकेश निधि आर्यन की आंखों में देखते हुए कहती है यदि आपके भतीजे में इतनी ही आत्मविश्वास है तो मैं ज्वाला संप्रदाय में उसका इंतजार करूंगी मुझे आशा है कि वह दो साल में वहां पहुंचेगी यह सुनकर मुकेश कहता है छोटी बच्ची बेशक तुम कितनी ही महान या ताकतवर कितना बचाओ यह मत बोलो कि उसके दो बडे भाई भी हैं और वे दोनों बडे भाई उसे पर जान मरते हैं यदि उन्हें तुम्हारी बातों का पता चला तो क्या पता तुम कल तक भारी संप्रदाय में भी ना बचो इसमें तुम पहली को अचानक से आर्यन की परिस्त भूमि याद आई उसे एहसास हुआ कि उसकी बडी बहन भी केवल आर्यन के बडे भाई विराट के कारण ही संप्रदाय में इतनी मशहूर है यदि उन्होंने कुछ किया तो वह बच नहीं पाएगी यह सोचकर उसने कहा तो आप कहना चाहते हैं कि आपका भतीजा केवल आपके दो बडे भतीजे के कारण इतना ऊपर रखता है उसका खुद का कोई आत्म सम्मान नहीं है यह सुनकर आर्यन कहता है चाचा कृपया इन बातों को छोडे मुझे फर्क नहीं पडता कि कुछ बेवकूफ मेरे बारे में क्या कहते हैं यह सुनकर मुकेश चुप हो जाता है वही निधि का चेहरा गुस्से से लाल हो जाता है और वह कहती है तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझे बेवकूफ केहने की यह सुनकर आर्यन मुस्कुराते हुए कहता है पर मैंने तो तुम्हें बेवकूफ कहा ही नहीं वह तो तुम ही हो जो खुद को समझ रही हो यह सुनकर निधि का चेहरा फिर से लाल हो जाता है उसे ऐसा लगता है कि किसी ने उसके चेहरे पर थप्पड मारा हो जिससे कि वह और अधिक गुस्सा हो जाती है यह देखकर सूर्यभान आखिर बोलते हैं बुजुर्ग राकेश मैं नहीं चाहूंगा कि कुछ कनिष्क के कारण आप थोडे निराश होकर जाएं इसलिए कृपया संभाले यह सुनकर बुजुर्ग जाकर सुनिधि को कहते हैं निधि कृपया अपनी बडी बहन का ख्याल करो यह सुनकर निधि आर्यन को ठंडी आंखों से ढूंढते हुए देखते हैं और कहती है तुम गलती से भी ज्वाला संप्रदाय में मत आना यह सुनकर आर्यन की आंखें भी ठंडी हो जाती है वह कोई आम व्यक्ति नहीं था उसने लाखों लोगों को मारा था उसका खुद का अभिमान था और उसे कोई इस तरह ललकारे उसे यह पसंद नहीं था जैसे ही आर्य ने निधि को गोरा निधि को ऐसा लगा कि किसी आदम जानवर ने उसे कृषि कार्य बनाया हो यहां तक की बुजुर्ग राकेश भी कांप उठे उन्होंने भी आर्यन की भयानक हत्या की मंशा को महसूस किया जब सूर्य बहन ने आर्य की मनसा को महसूस किया तो वह भी हैरान हुए उन्होंने कभी भी आर्यन को इस तरह नहीं देखा था आर्य ने कहा मैंने कभी भी किसी को सामने से नाराज नहीं किया है परंतु यदि मुझे कोई धमकी देता है तो मैं उसे मार दूंगा जैसे ही आर्य ने यह बात कही उसकी हत्या की मनसा और भी बढ गई निधि को पसीना आने लगा यहां तक की राकेश भी बहुत ही डरे हुए थे पता नहीं क्यों पर उन्हें ऐसा लगा कि यदि उन्होंने एक कदम आगे बढाया तो उनका sir cut जाएगा आर्यन की आंखें उन्हें यही कह रही थी की बीच में मत आना यह देखकर सूर्यभान ने आर्यन के कंधे पर टपकाया आर्यन को थोडा होश आया और उसने अपनी हत्या के मनसा को वापस ले लिया सब लोग आर्य को फटी आंखों से देख रहे थे किसी को यह समझ नहीं आया कि एक सोलह साल के युवक में इतनी खतरनाक हत्या की मंशा कहां से आई यहां तक की प्रिया भी आर्यन को चमकती आंखों से देख रही थी जब आर्य ने अपनी हत्या के मनसा पेश की तो प्रिया केवल आर्यन को प्रशंसा और प्यार से भरी आंखों से घूम रही थी उसकी आंखों में पता नहीं क्या चमकते कोई नहीं जानता था कि वह क्या सोच रही है परंतु बाकी सब लोग बहुत डरे हुए थे क्योंकि वह हत्या की मनसा ऐसी थी कि इस व्यक्ति ने लाखों करोडों व्यक्तियों को तलवार से काट डाला हो वही मुकेश और चंद्रदीप जो आर्यन के चाचा थे वे आर्यन को बडी खुशी से देख रहे थे क्योंकि वे दोनों योद्धा थे तो उन्हें हत्या की मनसा का अच्छे से पता था कि यह कितनी आवश्यक है इसलिए उन्होंने राकेश पर कोई ध्यान नहीं दिया और दोनों ही आर्यन के पास आए और उसे कहा आर्यन तुम्हारी हत्या की मंशा बहुत थी ताकतवर है यदि तुम मेरे साथ रोजाना वर्जित करोगे और साधना की तैयारी करोगे तो मुझे पूरा विश्वास है कि दो सालों में तुम उच्चतम स्तर पर पहुंच जाओगे चलो छोडो इन बातों को चलो मेरे साथ इतना कहकर दोनों चाचा आर्यन को पडकर से ले जाते हैं यह देखकर सूर्यभान कहता है इन दोनों का हमें कुछ नहीं कर सकता दोनों ही उसे बहुत प्यार करते हैं यह देखकर प्रिया भी उसके पीछे चली जाती है सभा में केवल सूर्यभान और पाँच बचते हैं वही सूर्यवंशी परिवार के दस बुजुर्ग आर्यन को प्रशंसा से देख रहे थे आर्यन के परिवार में एकता पर प्रमुखता मानी जाती थी सूर्यवंशी परिवार में कभी भी आप सी मतभेद नहीं होते थे जिस कारण से सभी युवा एक साथ मिलकर रहते थे यही कारण था कि बुजुर्गों में भी कोई मन भाव नहीं था सभी सूर्यवंशी परिवार के लिए कार्य करते थे जिस कारण से सभी को सूर्यवंशी परिवार में अंधविश्वास भरा था कि उनके परिवार एक झूठ है यही कारण है कि उन्हें थोडी भी दुर्भावना नहीं थी कि आर्यन साधन नहीं कर सकता था क्योंकि उसके दो बडे भाई पहले ही उच्चतम स्तरों पर पहुंच चुके थे तो परिवार को इतने सहारे की आता नहीं थी सबके जाने के बाद सूर्यभान ने कहा बुजुर्ग राकेश जब राकेश ने सूर्यभान की आवाज सुनी तो वह होश में आए और दरवाजे की ओर गंभीरता से देखने लगे उन्होंने आर्यन को इतना खतरनाक होने की उम्मीद नहीं की थी भलाई हुआ लडका साधन न कर सकता हो परंतु एक बार यदि उसने साधना शुरू की तो कोई नहीं कह सकता कि उसका मार्ग कौन सा होगा उसकी मनसा को देखते हुए हत्या का मार्ग हो सकता है यह सोचकर उन्होंने गहरी सांस ली और कहा सूर्यभान आपके परिवार में प्रतिभाएं भारी है आप क्या सोचते हैं यदि मैं निधि का रिश्ता आर्यन से कराऊं यह सुनकर सूर्यवान कहते हैं मुझे इस बारे में कुछ नहीं सोचा मैं चाहता हूं कि आर्यन अपना फैसला खुद ले मैं अपने दोनों पुत्रों पर जोर दे सकता हूं पर आर्यन पर मैं कभी जोर नहीं दे सकता वह मेरा सबसे छोटा बेटा है और वह हमारे परिवार का सबसे लाडला बेटा है उसकी मां बचपन मे उसे पैदा करने के बाद चली गई थी जब से वह बहुत ही दुखी रहता था और उसका एक ही लक्ष्य है कि वह साधना कर करें अपनी मां को दोबारा पास के मैंने उसे अभी तक नहीं बताया है कि उसकी मां कहां है परंतु यदि उसे पता होता तो वह पहले ही सफर पर निकल चुका होता यह सुनकर राकेश थोडे निराश होते हैं उन्हें कैसे नहीं पता था कि सूर्यभान की पत्नी का इतिहास क्या है केवल उसे ही नहीं उसके परिवार के मुखिया को भी अच्छे से पता था क्योंकि सूर्य बहन और उसके परिवार के मुखिया दोनों भाइयों की तरह थे उनके बीच बहुत कम है बातें ऐसी थी जो यह नहीं जानते हो जिस कारण से दोनों परिवार भी कई महत्वपूर्ण राज जानते थे वह अच्छे से जानते थे कि आर्यन की माता एक बहुत ही ऊंची परिवार से थी जो कि इस दुनिया के शीर्ष पर है और वह इतनी आसानी से सबको खत्म कर सकता है ऐसा ही कुछ पंद्रह साल पहले हुआ था जब आर्यन केवल एक वर्ष का था बीस बुजुर्ग कहीं से आए और आर्यन की माता को अपने साथ ले जाना चाह उसे समय सूर्यभान ने और कई बुजुर्ग और कई परिवार के मुखिया ने उनके साथ युद्ध लडा परंतु वह उनका एक हमला भी सहन नहीं कर सके वह तो केवल आर्यन की माता ही थी जिन्होंने उन बीस बुजुर्गों से कहा था कि यदि उन्होंने किसी को छुआ तो वह आत्महत्या कर लेगी जिस कारण से उन्होंने किसी और को छूने की हिम्मत नहीं की और उसकी माता को ले गए यही कारण है कि सूर्यभान आर्यन के लिए बहुत है दुखी महसूस करते थे क्योंकि वह उसकी माता का अलंकार नहीं प्राप्त कर सका उसके दोनों बेटे अच्छे से जानते थे कि उसे दिन क्या हुआ था जिस कारण से है वे दोनों इतनी मेहनत करते थे और आज हमसे उनका बहुत अधिक लगाव था क्योंकि उसकी माता ने जाते हुए कहा था कुछ भी हो जाए अपने छोटे भाई का हमेशा ख्याल रखना वह केला बडा होगा उसे कभी अकेलापन महसूस नहीं होना चाहिए जिस कारण से सूर्यभान और उसके दोनों बेटे आर्यन पर अपनी जान मरते थे यह सुनकर राकेश भी और नहीं बोला और निधि को लेकर वहां से चला गया जब निधि बुजुर्ग राकेश के साथ बाहर आई तो उसने पूछा बुजुर्ग राकेश वह लडका की साधना स्तर पर है यह सुनकर राकेश ने कहा वह सच में बिना साधना के हैं यह सुनकर निधि ने कहा ऐसा कैसे हो सकता है बिना साधना के वह इतना ताकतवर कैसे हो सकता है यह सुनकर बुजुर्ग राकेश ने कहा मुझे नहीं पता शायद उसकी हत्या की मंशा उसे विरासत में मिली है वह हत्या की मनसा इतनी खतरनाक है कि मैं भी उसका सामना नहीं कर सकता यह सुनकर निधि रहती है कुछ भी हो जाए मैं जाकर अपनी बडी बहन से बात करूंगी वह लडका बहुत घमंडी है यह सुनकर बुजुर्ग आगे से कडवी मुस्कान देते हैं और कहते हैं तुम्हें शायद पता नहीं पर सूर्यभान के तीनों बेटों में अद्भुत प्रतिभा है और वे तीनों सर्वश्रेष्ठ योद्धा बनने के लिए नियत है क्योंकि उनका रक्त वंश बहुत खास है जिस कारण से तुम्हारे पिता चाहते हैंकि तुम और तुम्हारी बडी बहन उन दोनों से विवाह करें यह सुनकर निधि को समझ आता है और वह कहती है वह अभी इतना ताकतवर नहीं है कि मेरा ध्यान आकर्षित कर सके इसलिए मैं ज्वाला संप्रदाय में उसका इंतजार करूंगी यह सुनकर राकेश कहते हैं चलो चलते हैं वहीं दूसरी ओर जब से दोनों चचाओं ने आर्य की हत्या की मनसा को महसूस किया उन दोनों ने आर्य पर इतना ध्यान देना शुरू कर दिया कि वह सुबह से शाम तक आर्यन को प्रशिक्षित करते थे जिस कारण से आर्यन अपनी साधना में केवल रात को ही ध्यान दे पता था वह पूरे दिन की मार से इतना तक जाता था कि रात को थकावट से कमरे में आता था सबको तो ऐसा ही लगता था यहां तक की प्रिया को भी यही लगता था जिस कारण से वह हर रात को उसका मर्म करने के लिए दवाइयां लाती थी यह देखकर आर्यन को बहुत अच्छा लगता था इसलिए वह उसे मना नहीं करता था वहीं दूसरी ओर सूर्यवंशी परिवार के कमरे में प्रिया इस समय अपने बिस्तर पर साधना कर रही थी अचानक से उसके सामने एक परछाई दिखाई देती है प्रिया अपनी आंखें खोलता है और देखते हैं प्रिया रहती है आंटी चैन क्या बात है यह सुनकर महिला केहती है छोटी राजकुमारी आपको इतना विश्वास क्यों है कि वह लडका एक दिन बहुत बडा योद्धा बनेगा यह सुनकर प्रिया केहती है क्या फर्क पडता है मुझे विश्वास है इतना ही काफी है क्या सुनकर महिला केहती है छोटी राजकुमारी पहले मुझे विश्वास नहीं था पर जब मैं उसकी हत्या की मनसा को महसूस किया तो आप विश्वास नहीं करेगी कि मेरा दिल भी एक समय के लिए रुक गया था यह सुनकर प्रिया की आंखों में चमक आती है और मैं कहती है तो आपको यह लगता है कि उसे उसकी हत्या की मनसा उसके पूर्वजों से विरासत में मिली है यह सुनकर महिला रहती है सूर्यवंशी परिवार एक प्राचीन परिवारों में से एक है हालांकि अब यह गिर चुका है परंतु यह बात ना कर ही नहीं जा सकती कि उसे बच्चों की माता एक बहुत ही खास रक्त वंश की महिला है यह सुनकर प्रिया थोडी दुखी हो जाती वह आर्यन के लिए बहुत ही दुख महसूस करती है यह देखकर महिला केहती है आर्यन की मां तीन महान प्राचीन परिवारों में से एक है और मैं भी यह दवा नहीं कर पाती कि हमारए परिवार के मुखिया भी उन्हें वापस नहीं ला सकते थे यह सुनकर प्रिया रहती है मुझे अच्छे से पता है हमारे परिवार और सूर्यवंशी परिवार के बीच हमेशा से पारिवारिक संबंध रहे हैं परंतु यह संबंध एक हजार साल पहले टूट गए थे जिस कारण से हमारे बुजुर्गों में अब इतना धैर्य नहीं है कि वे सूर्यवंशी परिवार पर इतना ध्यान दें परंतु मेरे पिता अपने वादे से बंधे हैं और वे सूर्यवंशी परिवार को नजर अंदाज नहीं कर सकते और ना ही अब मैं कर सकती हूं इसलिए मैं आर्यन को कभी नहीं छोडूंगी यह सुनकर महिला रहती है राजकुमारी आपके पास केवल तीन साल बच्चे हैं और हो सकता है कि बुजुर्ग उससे पहले आपको वापस बुला ले यह सुनकर प्रिया रहती है मुझे फर्क नहीं पडता कि मैं बुद्ध क्या सोचते हैं यह सुनकर महिला रहती है मुझे पता है पर आप जानती है कि वह बुजुर्ग काफी दूर है यदि आप नहीं जाएंगे तो फिर मजबूत लोगों को भेजेंगे और मैं भी फिर आपको रोक नहीं सकती मैं केवल एक रक्षक हूं यह सुनकर प्रिया बस चुप हो जाती है तभी वह आर्यन के कमरे की ओर देखते हैं और उसकी आंखों में एक विश्वास आता है वह कहती है मुझे फर्क नहीं पडता मुझे विश्वास है कि वह मुझे कभी भी निराश नहीं करेगा यह सुनकर मेल रहती है पर उसने तो अभी साधना भी शुरू नहीं की है यह सुनकर प्रिया फिर चुप हो जाती है और कुछ नहीं के केहती वहीं दूसरी और आर्यन इस समय साधना कर रहा था आर्य ने अचानक से आंखें खोली और प्रिया के कमरे की ओर देखा और कहां यह व्यक्ति मजबूत है इतना कह कर उसने अपनी आंखें बंद कर ली वही प्रिया के कमरे में महिला ने अचानक से आर्यन के कमरे की ओर देखा प्रिया ने कहा क्या बात है आंटी यह सुनकर महिला रहती है राजकुमारी मुझे यह लडका काफी अजीब लगता है कभी- कभी प्रिया केहती है ऐसा क्यों यह सुनकर महिला रहती है मैं जब भी आता हूं मुझे ऐसा लगता है कि उसे लडके को पता है कि मैं यहां हूं यह सुनकर प्रिया की आंखों में चमक आती है वह कैसे नहीं समझ पाती कि इसका अर्थ क्या है वहीं दूसरी और आर्यन के कमरे में उसने अपने कमरे में एक संरचना बिछा रखी थी जिसे कोई भी आम व्यक्ति महसूस नहीं कर पाता इस संरचना का कार्य आर्यन के कमरे से साधना का एक कतरा भी बाहर जाने से रोकडा था वह ऊर्जा का एक भी कटरा बोल नहीं जाने जा पता था आगे नहीं समय साधना कर रहा था आर्यन पहले ही गोल्डन कोर के प्रथम क्षेत्र पर था आज उसके भाई ने साधना के संसाधन भेजे थे इस समय आर्यन उन सब को अवशोषित कर रहा था आर्यन जिस साधन पद्धति का प्रयोग करता था वह एक आदम कला थ उसे यह अपने पिछले जन्म में एक प्राचीन मकबरे से मिली थी परंतु उसे समय वह उसकी साधन नहीं कर सकता था इसका कारण यह था कि इसकी मांगे थी कि व्यक्ति को अपनी पूर्ण साधना आरंभ से
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