बहुत देर हो गयी
मैं क्लास 11 में था तो मेरे को प्यार हुआ लेकिन मैं उसे पा नही सकता था क्यो की वो बड़े घर की लड़की थी और मैं मिडिल क्लास घर का लेकिन मैं खुद को रोक नही पाया मैं ने उसे पाने के लिए मैं एक लड़की थी मुस्कान जिसके माध्यम से मैने अपनी बात उसके तक पहुचाया और ऐसे ही हम दोनों ने पहली बार 29-08-2016 को रात को 8से 9 बजे के करीब में मैं ने उसे बात किया और फिर धीरे धीरे 1,2 बार काल आया फिर 3-09-2016 को मैन उसको प्रपोज़ कर दिया उसने भी मेरे को पहली बार लव यू बोला था । उसके बाद धीरे धीरे इतना बात होने लगा कि जब टाइम मिलता वो काल कर लेती और अकेले रह नही पाती थी , वैसे भी हम लोग बहुत घुल मिल गए और वो इतना साथ रहने लगी मेरे साथ मेरा हर एक बात मानना और भले मैं कितना भी व्यस्त रहता था वो कॉल पे ही रहती थी और मेरे आवाज को सुन कर खुश हो जाती थी उसमें जब से मेरी जिंदगी में आया वो कभी दुखी नही देख सकती थी मेरे को और बार बार डाँटा करती थी कि एइसा मत करो बाबू मत घूमो मत रहो अवरो के साथ मैं नही मानता था तो बहुत डांट ती थी और गुस भी करती थी ।फिर धीरे धीरे मैं खुद सोचने लगा कि मैं क्या कर रहा हु मैं तो खुद गलत कर रहा हु उसके साथ फिर मैं सुधरने लगा ।। हम दोनों में एक यूनिक बात था कि हम लोग एक दूसरे के गुसा होने के बाद भी गलती किसी का भी हो कॉल लर लिया करते थे । और ऐसे ही एक दिन वो मेरे से बोली कि मैं गुजरात जा रही हु तुम ध्यान रखना मेरे नानी का तबियत ठीक नही है तो मैं ने बोला कि मैं कैसे रहूंगा बिना देखे तुमको तो वो बोली जाने तो पड़ेगा लेकिन मेरे ज़िद के करण वो गुजरात नही गयी । फिर क्या रोज की तरह फिर बाते होने लगी अब मिलने का मन था उसे तो मैं ने उसे बोला की मुझे मिलना है तुमसे तो उसने बोला कि बाबू कैसे मिलु मैं नही मिल पाउंगी लेकिन ह तुम अगर चाहो तो सुबह में 5 बजे आ सकते हो मेरे छावनी पे तो बोलो। तो मैंने बोल दिया कि ह जरूर आ जाऊंगा फिर । जनवरी सुरुवात में ही हम दोनों मिलने के लिए आये फिर उसने मुझे गले लगाया और बस किस किया जा रही थी सर पे । और बोलने लगी कि तुम मेरे से क्यो प्यार किया मैं इतनी सुंदर नही हु गोरी नही हु लेकिन मैं ने उसे एक शब्दों में उतर दिया कि बाबू मैं तुम्हारे दिल से प्यार करता हु नही की रंग से । तो इस बात पर वो रोने लगी और बोली कभी छोड़ो गे नही न मेरे को और मेरे से प्रॉमिस करवाने लगी और कसम खिला ने लगी कि मत छोड़ना प्ल्ज़ । और ऐसे ही फिर 45मीन बाद जब मैं वहां से आने लगा तो दौड़ कर पीछे से पकड़ ली और फिर से बोली कभी छोड़ना मत मेरे को बाबू ।
जब उसने मेरे से बात करना चालू की तो उसने मेरे से मेरे पसन्द के बारे में पूछा था तो मैंने सब बताया सब कुछ मिल भी रहा था दोनों का और फिर उसने मेरे से एक सवाल पूछा कि तुम शरद मल्होत्रा को जानते हो तो मैं ने उसे बोला कि ह जानता हमारे कॉलोनी में रहता है(दरसल मैं कुछ नही जानता था ) इस बात पे वो बहुत हंसी और बोली की बक बुढु वो कॉलोनी में नही tv star है। मैं भी बहुत हंसा फिर उसे मैं एक सवाल किया कि तुम इस दुनिया मे सबसे ज्यादा किसे प्यार करती हो तो उसने बोला की भैया ,लडू और शरद मल्होत्रा से तो मैं ने इसी पे बोल दिया था कि एक समय आएगा जब तुम बस मेरे से प्यार करो गी तो उसने बोला की एइसा नही आएगा तो मैंने उसको चैलेंज कर दिया कि आएगा फिर । मैं ने उसे इतना माना कि वो सबसे ज्यादा मेरे को प्यार करने लगी । लेकिन मैं गलत था कि मैं ये समझ नही पाया कि भाई बहन के प्यार में और जीवन साथी के प्यार में अंतर होता है .....
...........…आगे
***Download NovelToon to enjoy a better reading experience!***
Comments