सुबह की रौशनी परदे से छनकर कमरे में फैल रही थी।
Rui रसोई में थी — हाथ में कॉफी मग, लेकिन चेहरा जैसे कहीं खोया हुआ।
Harshal उसे चुपचाप देख रही थी। वो अब Rui की हर हरकत पर नज़र रखती थी… शायद डर से, या शायद किसी अजीब लगाव से।
Harshal (धीरे से): "तुम पूरी रात नहीं सोई?"
Rui (हल्की मुस्कान): "आपका आदेश था कि घर की सफ़ाई पूरी हो जाए…"
Harshal: "Rui, मैंने वो मज़ाक में कहा था… तुम अब मेरे आदेशों पर नहीं, अपने मन से चलोगी।"
Rui ने एक पल को उसकी आँखों में देखा — जैसे समझना चाह रही हो कि “मन से चलना” मतलब क्या होता है।
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दिन बीतते गए। Rui घर का हर काम करती, पर बीच-बीच में कुछ पलों के लिए रुक जाती — उसकी आँखें खाली हो जातीं, जैसे किसी पुराने memory loop में फँस गई हो।
एक दिन Harshal ने देखा, Rui दवा के डिब्बे में कुछ खोज रही थी।
“ये कौन सी दवा है?” Harshal ने पूछा।
“मुझे नहीं पता… बस ये खाना खाने से पहले लेना ज़रूरी बताया गया था।”
Harshal को शक हुआ। उसने वही दवा का सैंपल लैब में टेस्ट के लिए भेज दिया — बिना Rui को बताए।
तीन दिन बाद रिपोर्ट आई…
दवा में “Memory Suppressant Compound” था।
मतलब — याददाश्त मिटाने वाला केमिकल।
Harshal का दिल तेज़ी से धड़कने लगा।
“तो Rui की यादें… जानबूझकर मिटाई गई थीं।”
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उस रात बारिश फिर शुरू हो चुकी थी।
Harshal बालकनी में खड़ी थी, और Rui उसके पास आई — भीगी, काँपती हुई, लेकिन नज़रों में वही शांत भाव।
Rui: "क्या मैंने फिर कुछ गलत किया?"
Harshal (धीरे से): "नहीं Rui… तुमने कुछ भी गलत नहीं किया। बस… मैं जानना चाहती हूँ कि तुम कौन हो।"
Rui की आँखों में दर्द उभरा।
उसने होंठ खोले, जैसे कुछ याद आ रहा हो —
"मुझे... कुछ दिखता है कभी-कभी। ठंडी सफेद दीवारें, आवाज़ें जो मुझसे कहती हैं 'Project 3308'... और फिर... दर्द। बहुत दर्द।"
Harshal ने काँपते हुए उसका हाथ पकड़ा।
"Project 3308?" उसने दोहराया।
वो तो Rui के फ़ाइल नंबर जैसा था…
Rui ने सिर झुका लिया,
"शायद… मुझे बनाया गया था। जन्मा नहीं।"
Harshal की साँसें रुक सी गईं।
“तुम इंसान नहीं… एक एक्सपेरिमेंट हो?”
Rui की आँखें अब भीगी हुई थीं।
“मुझे नहीं पता… लेकिन जब भी आप पास होती हैं, तो कुछ याद आता है… जैसे मैंने आपको पहले कहीं देखा है।”
Harshal ने कदम बढ़ाया, Rui के गाल को छूते हुए कहा —
“शायद इसलिए क्योंकि… हमारी कहानी अधूरी है, Rui।”
बारिश अब रुक चुकी थी, पर हवा में ठंडक और दिलों में सवाल बाकी थे।
💭 “अगर Rui एक लैब प्रोजेक्ट थी, तो किसने उसे बनाया?”
💭 “और Harshal का उस लैब से क्या रिश्ता है?”
कहीं न कहीं, सच दोनों को जोड़ रहा था —
बस Rui को याद नहीं था, और Harshal को अब तक पता नहीं चला था।
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... Stay tuned, welcome back to my life....
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