Cost of Truth / सत्य की कीमत
दस साल... समय की रेत जब इतिहास के पन्नों पर जमती है, तो कई चेहरों को धुंधला कर देती है, लेकिन 'वेलरिस' का नाम आज भी एल्डोरिया की हवाओं में एक ठंडी सिहरन बनकर दौड़ता है। दस साल पहले, एक पूरा साम्राज्य रातों-रात दुनिया के नक्शे से ऐसे मिटा दिया गया, जैसे किसी ने जलते हुए दीये को फूँक मारकर बुझा दिया हो।
कहा जाता है कि वेलरिस के इरादे नेक नहीं थे। जब एल्डोरिया सूखे की मार झेल रहा था और यहाँ के बच्चे भूख से बिलख रहे थे, तब वेलरिस अपनी तलवारें पैनी कर रहा था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। राजा अलरिक को भनक लग गई, और इससे पहले कि वेलरिस की सेना सीमा लाँघती, एल्डोरिया के शूरवीरों ने उनके महल की ईंट से ईंट बजा दी। वेलरिस का अनाज एल्डोरिया की गोदामों में आ गया और देखते ही देखते एल्डोरिया की किस्मत बदल गई।
उस विनाशकारी युद्ध में एक नाम सबसे ऊपर उभरा था— कायलेन। वह युवा सिपाही जिसने वेलरिस के सबसे खूंखार सेनापति की गर्दन अपनी तलवार से नाप दी थी।
आज, दस साल बाद, एल्डोरिया की राजधानी 'सूर्य नगरी' उत्सव के रंगों में सराबोर थी। आसमान साफ था, लेकिन मैदान में उमड़ी हजारों की भीड़ का शोर बादलों की गड़गड़ाहट को मात दे रहा था। सूरज की किरणें राजा अलरिक के सिंहासन पर लगे रत्नों से टकराकर चारों ओर बिखर रही थीं।
मैदान के बीचों-बीच कायलेन घुटनों के बल झुका हुआ था। राजा अलरिक ने एक सुनहरी एल्डोरिया धातु से बनी एक तलवार थाल से उठाई और उसे कायलेन के हाथों पे रखते हुए गंभीर स्वर में कहा,
"कायलेन, तुम्हारी वीरता ने एल्डोरिया को राख से उठाकर सोने के सिंहासन पर बिठाया है। तुम्हारी तलवार हमारी ढाल रही है और तुम्हारा साहस हमारी प्रेरणा।"
राजा ने पास रखे एक थाल से चमकता हुआ स्वर्ण कवच उठाया और ऊँचे स्वर में घोषणा की,
"आज से तुम एल्डोरिया के 'गोल्डन नाइट' हो!"
वह कवच सोने का नहीं था बल्कि एक ऐसी सुनहरी धातु का था जो सिर्फ एल्डोरिया में पाई जाती थी। जिसका नाम था एल्डोरिया, और एल्डोरिया का नाम भी इसी धातु के नाम पर पड़ा था। यह धातु हीरे से भी ज्यादा मजबूत और चमकीली थी।
पूरी भीड़ एक साथ चिल्ला उठी,
"गोल्डन नाइट की जय! कायलेन की जय!"
जैसे ही वह भारी स्वर्ण कवच कायलेन के सीने से सटा, उसे एक अजीब सी सनसनी महसूस हुई। वह सिर्फ धातु नहीं थी; वह उन हजारों लोगों की उम्मीदों का वजन था जो अब उसकी सुरक्षा पर टिकी थीं। कवच की ठंडक उसके शरीर में उतरी, लेकिन उसके भीतर जिम्मेदारी की एक आग जल उठी। उसे महसूस हुआ कि यह चमक उसकी ताकत भी है और वह जंजीर भी, जो उसे अब ताउम्र एल्डोरिया की रक्षा के लिए बाँध चुकी थी।
लेकिन इस शोर-शराबे और फूलों की वर्षा से कोसों दूर, एल्डोरिया की पुरानी जेल की कालकोठरी में सन्नाटा पसरा था।
वहाँ की दीवारों पर जमी काई और नमी की बदबू किसी पुरानी कब्र जैसी थी।
कोने में जंजीरों से जकड़ा एक साया बैठा था। मलिक। कभी यह नाम सुनकर दुश्मन थर्राते थे। मलिक, जो कभी एल्डोरिया का सबसे महान गोल्डन नाइट हुआ करता था। लेकिन आज? आज वह सिर्फ एक 'गद्दार' था। इल्जाम था कि उसने वेलरिस के साथ मिलकर अपने ही वतन की पीठ में छुरा घोंपने की साजिश रची थी।
एक पहरेदार ने लोहे के सरियों पर डंडा मारा और मलिक के सामने रुखी सूखी रोटियों की थाली खिसकाते हुए ताना मारा,
"सुना तूने गद्दार? बाहर जश्न हो रहा है। कायलेन अब गोल्डन नाइट बन गया है। अब तू यहीं इस अंधेरे में सड़ता रहेगा और वह पूरी दुनिया पर राज करेगा।"
अंधेरे में डूबे मलिक ने धीरे से अपनी गर्दन घुमाई। उसकी गर्दन की हड्डियों के चटकने की आवाज किसी टूटते हुए पहाड़ की प्रतिध्वनि जैसी थी। उसकी आँखें, जो बरसों से सूरज की रोशनी को तरस गई थीं, नफरत की आग से जल उठीं।
"गोल्डन नाइट?"
मलिक की आवाज फटी हुई और भारी थी।
"कायलेन को लगता है कि यह सोना उसकी जिम्मेदारी है... नादान लड़का। उसे नहीं पता कि यह कवच सिर्फ एक आलीशान पिंजरा है। जिसमें उसकी बहादुरी को उनकी गद्दारी में बदल कर उन्हें राज्य द्रोही बना दिया जाता है।"
वह धीरे से हँसा, एक ऐसी हँसी जो पहरेदार की रीढ़ में कंपन पैदा कर गई।
"उसे जश्न मनाने दो। क्योंकि जिस दिन झूठ की यह ऊँची दीवार गिरेगी, उस मलबे में सबसे पहले यह 'गोल्डन नाइट' ही दफन होगा।"
पहरेदार की मुस्कुराहट गायब हो गई। उसे मलिक की बातों में छिपा खौफ महसूस हुआ। वह बिना कुछ कहे झटके से वहाँ से चला गया। पीछे मलिक ने अपनी जंजीरों को इतनी जोर से खींचा कि पत्थर की दीवारों से मिट्टी झड़ने लगी। उसके चेहरे पर एक ऐसी मुस्कुराहट थी, जो किसी आने वाले तूफान का संकेत दे रही थी।
उत्सव की शाम ढल रही थी। महल की ऊँची मुंडेर पर खड़ा कायलेन दूर क्षितिज को देख रहा था। उसके सुनहरे कवच पर ढलते सूरज की लालिमा किसी खून जैसी चमक रही थी। उसके पीछे कदमों की आहट हुई।
"मुबारक हो, हमारे गोल्डन नाइट!"
कायलेन पलटा। सामने लारा खड़ी थी। उसकी लाल कैप हवा में लहरा रही थी और उसकी आँखों में कायलेन के लिए गर्व साफ झलक रहा था। लारा और कायलेन—दोनों ने एक साथ तलवार चलाना सीखा था, एक साथ जंग के मैदानों में मौत को मात दी थी। लारा ही कायलेन की एकमात्र ताकत थी, उसका परिवार थी।
"यह कवच तुम पर बहुत जच रहा है, कायलेन,"
लारा ने उसके कंधे पर हाथ रखते हुए उत्साह से कहा।
कायलेन ने मुस्कुराकर उसका हाथ थाम लिया।
"शुक्रिया लारा। सच कहूँ तो यहाँ तक पहुँचने का सफर तुम्हारे बिना मुमकिन नहीं था। लेकिन अब मुझे डर लग रहा है। यह सम्मान... यह जिम्मेदारी बहुत बड़ी है।"
लारा ने उसकी आँखों में झाँकते हुए कहा,
"डरो मत। आज पूरा शहर तुम्हारी वजह से चैन की नींद सोएगा। तुमसे बेहतर योद्धा और कोई हो ही नहीं सकता।"
तभी, शहर की शांति एक भयानक धमाके से टूट गई। 'धूम!'
पूरा महल थर्रा उठा। खिड़कियों के कांच टूटकर बिखर गए। कायलेन और लारा ने देखा कि दूर जेल की तरफ से आग की ऊँची लपटें आसमान को छू रही थीं।
"नहीं" कायलेन के मुँह से बस यही निकला।
वे दोनों तुरंत अपने घोड़ों पर सवार हुए और बिजली की गति से जेल की ओर दौड़ पड़े। जब वे वहाँ पहुँचे, तो मंजर खौफनाक था। जेल का भारी लोहे का दरवाजा उखड़ा पड़ा था, सिपाही खून से लथपथ जमीन पर तड़प रहे थे।
जेल की ऊँची छत पर, कड़कती बिजली के बीच मलिक खड़ा था। उसके साथ कुछ नकाबपोश लोग थे। मलिक के हाथ अब आजाद थे।
"कायलेन! जश्न मना लो!"
मलिक की दहाड़ बादलों की गड़गड़ाहट के बीच गूँजी।
"क्योंकि बहुत जल्द, एल्डोरिया का वह सच सबके सामने होगा जिसे तुम अपनी आँखों से देख नहीं पा रहे। और जब वह सच सामने आएगा, तो तुम्हारी यह सुनहरी ढाल तुम्हें बचा नहीं पाएगी!"
कायलेन ने तलवार निकाली और उसकी तरफ बढ़ा,
"मलिक! रुक जाओ!"
लेकिन इससे पहले कि कायलेन उन तक पहुँचता, मलिक और उसके साथियों ने जेल की दीवार से पीछे घने जंगलों की गहरी खाई में छलांग लगा दी।
आसमान से बारिश की पहली बूँद गिरी। कायलेन वहीं खड़ा रह गया, उसके कानों में मलिक के शब्द गूँज रहे थे—
'एल्डोरिया का सच'।
वह कौन सा सच था? क्या वाकई वह कवच एक सम्मान था या एक पिंजरा? क्या राजा अलरिक कुछ छिपा रहे थे?
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