सुबह होते ही रणवीर की आँख खुली, पर नींद जैसे आई ही नहीं थी।
रात भर वह जागता रहा—आन्या के शब्द, उसकी नज़रें, उसकी चाल सब कुछ उसके दिमाग में घूमता रहा।
उसे खुद से गुस्सा आ रहा था।
“क्यों मैं एक लड़की के पीछे ऐसे उलझ रहा हूँ?
क्यों उसकी मौजूदगी आयरा की यादें जगा रही है?”
पर वह जितना खुद को रोकने की कोशिश करता, उतना ही उसकी बेचैनी बढ़ती।
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ऑफिस में पहली टक्कर
आन्या हमेशा की तरह शांत और आत्मविश्वासी होकर ऑफिस पहुँची।
लेकिन आज रणवीर ने उसे अलग तरीके से देखा—जैसे पहली बार सच में उसे देख रहा हो।
“गुड मॉर्निंग,” आन्या ने मुस्कुराते हुए कहा।
रणवीर ने कुछ पल उसे देखा, फिर धीरे से बोला—
“आपकी बातें… मेरे दिमाग से निकलती नहीं।”
आन्या के चेहरे पर हल्की मुस्कान आ गई।
यही तो वह चाहती थी।
“कभी-कभी कुछ लोग हमारी ज़िंदगी में ऐसे आते हैं, जिन्हें नज़रअंदाज़ करना असंभव होता है,” उसने कहा।
रणवीर को उसकी बातें अंदर तक छू गईं।
वह कुछ कहना चाहता था, पर तभी एक मीटिंग कॉल आ गई और वह चुप हो गया।
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आन्या की दूसरी चाल
लंच टाइम में आन्या ने एक फाइल रणवीर के केबिन में रखी और बोली—
“ये प्रोजेक्ट आपको खुद देखना चाहिए। ये आपके लिए… ज़रूरी है।”
रणवीर ने फाइल खोली—
उसमें एक पुरानी कंपनी का डेटा था,
वही कंपनी जिसमें आयरा उसके साथ काम करती थी।
रणवीर का चेहरा पल भर के लिए सख्त हो गया।
“ये फाइल… आपको कहाँ मिली?” उसने पूछा।
आन्या ने उसकी आँखों में देखते हुए कहा—
“जहाँ सच हमेशा छुपा रहता है।”
रणवीर का दिल जोर से धड़का।
उसे शक होने लगा कि यह लड़की उसके अतीत के बारे में बहुत कुछ जानती है।
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रणवीर का स्वीकारना
शाम को जब बाकी स्टाफ जा चुका था, आन्या कॉरिडोर से गुजर रही थी।
तभी रणवीर ने पीछे से पुकारा—
“आन्या… एक मिनट।”
वह मुड़ी।
रणवीर उसके सामने आया, उसकी आँखों में कुछ अधूरा-सा दर्द तैर रहा था।
“मुझे नहीं पता आप कौन-सी कहानी छू रही हैं…
पर आप मेरी सोच… मेरी भावनाओं को बदल रही हैं।”
आन्या ने भीतर उठते क्रोध को छुपाया।
उसने नरम आवाज़ में कहा—
“कभी-कभी किसी को बदलना ही उसका सच सामने लाने का तरीका होता है।”
रणवीर उसकी तरफ एक कदम और बढ़ा।
“आपमें कुछ है जो मुझे… खींचता है।
कई सालों बाद मैं किसी की ओर… ऐसे महसूस कर रहा हूँ।”
ये सुनते ही आन्या के अंदर की आग और भड़क गई।
वह जिसने उसे धोखा देकर मौत दी…
आज उसकी तरफ खिंच रहा था?
उसके होंठों पर एक हल्की पर ठंडी मुस्कान आई।
“रणवीर… खिंचाव हमेशा अच्छा नहीं होता।
कभी-कभी वो विनाश की शुरुआत भी बन सकता है।”
रणवीर उसकी आँखों में देखकर बोला—
“अगर ये विनाश है… तो शायद मैं इसके लिए तैयार हूँ।”
आन्या ने उसकी ओर देखते हुए सोचा—
अब यह खेल और गहरा होगा।
क्योंकि जिस प्यार ने उसे मारा था…
उसका ही इस्तेमाल अब उसके खिलाफ होगा।
उसकी बदले की राह अब तेज़ हो चुकी थी।
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