तुम...!! मिसिस शर्मा गुस्से से फटने वाली थीं. जैसे ही रिया जाने लगी, उन्होंने उसके कंधे को जोर से पकडकर उसे सीधा जमीन पर गिरा दिया.
खुद को देखा है तुमने? इतने सालों से हमने तुम्हें एक एहसान की तरह पाला है. तुम्हें और तुम्हारी पागल माँ को सडक पर मरने से बचाया था हमने, और अब तुम मुझसे जुबान लडाने की हिम्मत कर रही हो? तो क्या हुआ अगर मैंने तुम्हें मार दिया?
लेकिन तभी रिया के गले पर पडे साफ- साफ निशान उसकी नजर में आ गए. वो इतने obvious थे कि देख पाना इतना मुस्किल नहीं था.
जैसे उसे कोई बडा सबूत मिल गया हो, मिसिस शर्मा पागलों की तरह बोली, वाह रिया, मुझे पहले से पता था कि तुम्हारी नजरें हमारे घर पर ठीक नहीं हैं. बिल्कुल अपनी माँ पर गई हो तुम—बस लोगों को फँसाना ही आता है. अगर किसी को seduce करना है तो कहीं और जाओ, हमारे घर में तमाशा मत बनाओ. राहुल मल्होत्रा परिवार का वारिस है. तुम्हें क्या लगता है, तुम्हारे जैसी लडकी उसके लायक है? वो तुम्हारी तरफ देखना भी पसंद नहीं करेगा।
मिसिस शर्मा का थप्पड रिया को जरा भी दुखी नहीं कर पाया. लेकिन ये एक साधारण- सा वाक्य उसके दिल को चीरने के लिए काफी था.
फिर भी, रिया हँसने लगी. उसने हल्की- सी हँसी उडाते हुए अपने कपडे ऊपर खींचे, कंधों को ढका और बेपरवाही से अपने कपडे झाडते हुए कहा, अगर आपको लगता है कि मैं उसके लायक नहीं हूँ, इतना कि वो मेरी तरफ देखेगा भी नहीं. तो फिर आप इतनी परेशान क्यों हो.
बाहर से कुछ आवाजें आ रही थीं—राहुल. और निशा बात करते हुए हँस रहे थे. उनकी बातें सुनकर मिसिस शर्मा घबरा गई. कहीं किसी को पता न चल जाए, इस डर से उसने अपनी आवाज धीमी कर ली और रिया के करीब आ गई.
वह धमकी भरे लहजे में बोली, कोई चाल मत चलना।
फिर कुछ सोचकर उसने दोबारा कहा, मेहता फैमिली के लोग थोडी देर में अपने दूसरे बेटे, विनय के साथ आ रहे हैं. ऐसा मत कहना कि मैं तुम्हारी परवाह नहीं करती. मैं तुम्हें उससे मिलवाऊँगी. मेहता फैमिली की अच्छी reputation और background है. अगर तुम उनकी फैमिली में शादी करोगी, तो तुम्हें जिंदगी भर ऐश मिलेगी।
रिया की नजरें डगमगा गईं.
उसे अच्छी तरह पता था कि मेहता फैमिली का दूसरा बेटा कौन है.
सौतेली माँ, आप चाहती हैं कि मैं एक ऐसे आदमी से शादी करूँ जो ठीक नहीं है? और ऊपर से कहती हैं कि ये सब मेरी भलाई के लिए है? रिया ने विरोध में आवाज उठाई.
क्यों, तुम्हें ये शादी मंजूर नहीं है?
अगर इतना ही अच्छा लगता है, तो आप खुद ही उससे शादी कर लीजिए. मैं कोई कठपुतली नहीं हूँ जिसे आप अपनी मर्जी से चला सकें! रिया ने झटके से दरवाजा खोल दिया.
ये देखकर मिसिस शर्माने पूरी ताकत से उसे रोकने की कोशिश की.
लेकिन उस पल रिया ने किसी बात की परवाह नहीं की. वह मुडी और मिसिस शर्माको जोर से धक्का दे दिया.
जमीन पर गिरी हुई मिसिस शर्मा गुस्से से चिल्लाई, रिया, अगर तुमने यहाँ से जाने की हिम्मत की, तो मैं तुम्हारे पिता से कहकर तुम्हारी माँ की अस्थियाँ बाहर फेंकवा दूँगी!
रिया बेबस होकर वहाँ से भाग गई.
उधर.
कबीर को जल्द ही ओबेरॉय फैमिली के मेंशन वापस बुला लिया गया.
जाहिर सी बात थी, ये पूरी घटना उसके दादा—ओबेरॉय परिवार के मुखिया—तक भी पहुँच चुकी थी.
कबीर अपने फैसले पर अडिग खडा था. उसने अपने सामने खडे अपने दादा की तरफ देखते हुए कहा, दादाजी, माँ को इस बात की पूरी समझ नहीं है. उस लडकी और मेरे बीच जो हुआ, वो हमारी मर्जी से नहीं था. वो बस एक accident था और कुछ नही।
कबीर, तुम इतने जिद्दी क्यों हो? जरा सोचकर देखो. क्या सच में उससे शादी करना तुम्हारे लिए इतना मुश्किल है? तुम पहले ही उसके करीब आ चुके हो. क्या तुम्हें वो एहसास जरा सा भी याद नहीं आता?
बिल्कुल भी नहीं! कबीर ने तुरंत जवाब दिया.
कबीर, मैं तुमसे बहुत निराश हूँ। शांत लेकिन रौबदार अंदाज में दादाजी ने ठंडी नजर से कबीर को देखा.
कबीर ने पीछे खडी वंदना ओबेरॉय की तरफ घूरकर देखा.
लेकिन वंदना के चेहरे पर कोई पछतावा नहीं था—बल्कि वो पूरी तरह से अपने फैसले को सही मान रही थीं.
हमारा ओबेरॉय परिवार अपने किए की जिम्मेदारी जरूर लेगा. और सिर्फ इतना ही नहीं—वो लडकी तुम्हारी normal married life के लिए जरूरी है, बल्कि तुम्हारी illness के इलाज की चाबी भी हो सकती है. तुम्हें थोडा practical होना चाहिए. किसी भी हालत में, तुम उसके साथ रात बिता चुके हो. यूँ फायदा उठाकर सब कुछ भूल नहीं सकते, दादाजी ने कहा.
कबीर ने अपने बूढे दादाजी की तरफ देखते हुए कहा, लेकिन मैं उसे बिल्कुल भी नहीं जानता. दादाजी, मैं एक पूरी तरह अजनबी लडकी से शादी के लिए कैसे मान जाऊँ?
अगर मैं तुमसे कहूँ कि अगर तुमने शादी नहीं की. तो मैं तुम्हारी वो छोटी सी लवर. क्या नाम है उसका? मीरा कपूर, है ना. उसका पूरा career खत्म कर दूँगा. उसे ऐसी हालत में पहुँचा दूँगा कि उसे जिंदा रहने से बेहतर मर जाना लगे? दादाजी ने कहा.
दादाजी की आँखें बिल्कुल कबीर जैसी थीं. जब उन्होंने ये धमकी दी, उनकी आवाज शांत थी—लेकिन उनकी नजरों में छुपी ठंडी बेरहमी साफ महसूस हो रही थी.
कबीर ने ठंडे लेकिन सख्त लहजे में कहा, आप जानते हैं. मैं आपको ऐसा करने नहीं दूँगा।
दादाजी ने कहा, मुझे पता है तुम्हारे पंख निकल आए हैं और अब मैं तुम्हें कंट्रोल नहीं कर सकता. तुम तीनों एक- एक करके बागी हो गए हो—कोई प्रेसिडेंट बन गया, कोई सेलिब्रिटी. और तुम. तुम हमेशा से समझदार रहे हो, लेकिन उतने ही जिद्दी भी. लेकिन भले ही मैं तुम्हारे साथ कुछ न कर पाऊँ, लेकिन उस छोटी- सी लडकी को परेशान करने के अपने तरीके मेरे पास हैं. तुम चाहो तो आजमा कर देख लो।
कबीर की आँखों में एक पल के लिए घृणा चमकी, लेकिन अगले ही पल वो गहराती हुई एक ठंडी चमक में बदल गई.
दूसरी तरफ.
रिया ने बस कुछ ही कदम दौडे थे कि उसने कई गाडियों को तेजी से अपनी तरफ आते देखा.
शर्मा परिवार के लोग.
रिया वहाँ से निकलना चाहती थी, लेकिन साफ था कि इस बार शर्मा परिवार ने इस बात को बहुत सीरियस ले लिया था. लगभग सब लोग आ चुके थे, और कुछ ही पलों में उन्होंने रिया को चारों तरफ से घेर लिया.
लडकी, मैं ये सब तुम्हारी भलाई के लिए कर रही हूँ. और फिर भी तुम भागने की हिम्मत कर रही हो? जाओ, इसे पकडकर मेरे पास वापस लाओ!
रिया ने मिसिस शर्मा को घूरकर देखा, मन तो कर रहा था कि अभी जाकर उसे एक थप्पड जड दे.
लेकिन वो अकेली थी. और सामने इतने सारे लोग थे. चाहकर भी वो उनसे जीत नहीं सकती थी.
उसके हाथ पीछे बाँध दिए गए, और रिया को वापस शर्मा हाउस ले जाया गया.
मेकअप आर्टिस्ट उसे तैयार करने लगी, जबकि मिसिस शर्मा उसे ऐसे घूर रही थी जैसे अभी मार ही देगी. घमंड भरे लहजे में उसने डाँटते हुए कहा, तुम जैसी लडकी मुझसे भागने की कोशिश कर रही थी? थोडी देर में अच्छे से तैयार हो जाओ. तुम्हें विनय से मिलना है।
रिया ने दाँत भींच लिए और थोडा छूटने की कोशिश की, लेकिन सब बेकार था.
जब उसे तैयार कर दिया गया, तो मिसिस शर्मा उसे ऊपर से नीचे तक देखने लगी. मन ही मन उसने सोचा—ये लडकी जब सज- धज जाती है तो सच में बहुत खूबसूरत लगती है. इसका नाजुक चेहरा किसी भी आदमी को अपनी तरफ खींच सकता है.
फिर उसके मन में एक और ख्याल आया—इसे जितनी जल्दी हो सके मेहता फैमिली में शादी करके भेजना होगा. नहीं तो ये हमेशा राहुल के आस- पास मंडराती रहेगी. अगर राहुल सच में इस पर फिदा हो गया, तो निशा की जगह खतरे में पड जाएगी.
बाहर से किसी ने आवाज लगाई कि विनय आ चुका है.
मिसिस शर्माके इशारे पर रिया के हाथ तुरंत खोल दिए गए और उसे आगे की तरफ धकेल दिया गया. दरवाजे के उस पार से मेहता फैमिली की ऊँची- ऊँची, उत्साहित आवाजें साफ सुनाई दे रही थीं.
हम सब जानते हैं कि रिया बस एक नाजायज बेटी है. वो हमारे विनय के लायक तो नहीं है, लेकिन तस्वीरों में ठीक- ठाक लगती है. शादी के बाद बस वो मेहता फैमिली की वंश आगे बढाने में मदद करे—तो आगे उसे ही फायदा होगा।
बच्चा पैदा करना?
रिया ने तंज भरी हँसी हँसी. उसके मन में ख्याल आया—क्या उसे सिर्फ बच्चे पैदा करने की मशीन समझा जा रहा है?
रिया ने सामने खडे उस आदमी को देखा—कद मुश्किल से एक दशमलव छह मीटर, शरीर झटकों से कांप रहा था, और वो बार- बार सिर हिलाते हुए इधर- उधर देख रहा था. बिल्कुल किसी लापरवाह बच्चे की तरह वो अपनी उंगलियाँ चबा रहा था.
मिसिस शर्मा मुस्कुराते हुए बोली, देखा रिया? यही है तुम्हारा होने वाला पति. अब तुम्हारे सुनहरे दिन आने वाले हैं।
बेशक, रिया उसके शब्दों में छिपा घमंड और मजाक साफ- साफ समझ सकती थी.
तभी अचानक विनय जैसे पागलपन के दौरे में चला गया. जोर- जोर से चिल्लाते हुए वो पास खडे लोगों पर झपट पडा.
अंदर पूरा माहौल एकदम अफरा- तफरी में बदल गया. मेहता और शर्मा—दोनों फैमिली के लोग उसे घेरकर संभालने की कोशिश करने लगे.
मिसिस शर्मा खुद भी हिल गई थी. जिस तरह वो आदमी बेकाबू होकर इधर- उधर झपट रहा था, वो नजारा इतना घिनौना था कि उसे उल्टी आने जैसी महसूस होने लगी.
अंदर ही अंदर मिसिस शर्माने राहत की साँस ली. अच्छा हुआ कि अब रिया को उससे शादी करनी थी, पूजा को नहीं. वरना वो सच में गुस्से से मर ही जाती.
लेकिन जैसे ही उसने पलटकर देखा, उसके पास कोई नहीं था.
रिया. ये रिया कहा चली गई? उसका चेहरा गुस्से से बिगड गया. जाओ, उसे ढूँढो! मिलते ही उसे अच्छी तरह सबक सिखाना!
रिया को खुद भी नहीं पता था कि वो कैसे वहाँ से निकल पाई. उसे बस इतना पता था कि जब वो आखिरकार अकेली हुई, तो इतनी भाग चुकी थी कि उसकी साँसें जैसे टूटने वाली थीं.
लेकिन तभी उसकी नजर सडक किनारे खडी एक कार पर पडी.
रिया वहीं ठिठक गई.
कार की खिडकी के पीछे उसे कबीर का ठंडा, नफरत भरा चेहरा साफ दिखाई दे रहा था.
***Download NovelToon to enjoy a better reading experience!***
Comments